Two-day ultimatum to seed companies, FIRs for sowing expenses and non-refund of new seeds or funds

अमरावती. बुआई के बाद बीज अंकुरित नहीं होने से हलाकान किसानों को बुआई खर्च के साथ नये बीज अथवा बीज की रकम लौटाने के लिये शासन ने सीड्स कंपनियों को दो दिनों का अल्टीमेटम दिया है. दो दिनों के भीतर यदि इस पर तत्काल अमल नहीं किया गया तो संबंधित सीड्स कंपनियों के खिलाफ एफआयआर दर्ज की जाएंगी. एमएलए रवि राणा ने मंगलवार को जिला कृषि अधीक्षक कार्यालय में इस संबंध में मीटिंग ली.

इसी मीटिंग के बीच विधायक राणा ने सीधे कृषि मंत्री दादाराव भिसे से संपर्क कर जिले में बोगस बीजों के मामले से अवगत कराया. किसानों को तत्काल न्याय दिलाने की गुहार लगाई. कृषि मंत्री ने तत्काल कार्रवाई के नर्दिेश देकर दो दिन के अल्टीमेटम के अनुसार किसानों को राहत नहीं देने वाली सीड्स कंपनियों पर फौजदारी करने के सख्त आदेश दिए. 

3 को थाने में रिपोर्ट 
मीटिंग में विधायक राणा ने कृषि विभाग से स्पष्ट कहा कि आर्थिक तंगहाली में किसानों के बीज खराब निकलने के मामले में सभी कृषि अधिकारी संवेदनशीलता से कार्रवाई करें. किसानों के साथ छल बर्दाश्त नहीं करेंगे. बीज अंकुरित नहीं होने वाले किसानों को प्रति एकड़ 7000 रुपये मुआवजा दे. दो दिनों के भीतर भुक्तभोगी किसानों को बुआई खर्च के साथ बीज की रकम लौटाने अथवा नये बीज नहीं दिए जाने पर 3 जुलाई को थाने में कृषि अधिकारियों के साथ जाकर संबंधित सीड्स कंपनियों पर फौजदारी कार्रवाई करवाएंगे. इस संदर्भ में मीटिंग के मिनट्सि पर विधायक ने सभी कृषि अधिकारियों के हस्ताक्षर भी लिए है.  

यह है सीड्स कंपनियां   
जिला कृषि अधीक्षक के अनुसार जिनके बीज अंकुरित नहीं हुए. उन कंपनियों में ग्रीन गोल्ड, ईगल, उत्सव सीड्स, एशीयन सीड्स, कोहिनुर सीड्स, खंडेलवाल सीड्स, जीपीएस सीड्स, निलेश अग्रो, रसायन अग्रो, रोहित अग्रो, सध्दिा  सीड्स, अंकु्र, वसंत अग्रोटेक, वरदान बायोटेक, विनायक सीड्स, शुभम अग्रो, सारस सीड्स, दव्यिरत्न सीड्स, कात्या सीड्स, कृषि संजिवनी, रुचि, ओसवाल, रवि, बाफना और महाबिज का समावेश है. सरकारी कंपनी महाबीज ने नए बीज देने का नर्णिय लिया है. इसलिए महाबीज को इस सूची से बाहर रखा जा रहा है.  

जिले में 1406 शिकायतें 
खरीफ की बुआई में जिन किसानों के सोयाबीन बीज अंकुरित नहीं हुए. जिले में ऐसी कुल 1406 शिकायतें मंगलवार तक कृषि विभाग को प्राप्त हुई है. इसके पहले जहां बीज अंकुरित नहीं हुए, वहां प्रत्यक्ष पहुंचकर कृषि विभाग ने 745 पंचनामे किए है. तहसील कृषि अधिकारी संबंधित बीज कंपनियों को मंगलवार को ही तद्संबंधि नोटिस जारी कर रहे है. दो दिनों के भीतर बुआई खर्च के साथ बीज की रकम लौटाने अथवा नये बीज नहीं दिये जाने पर सीड्स कंपनियों पर फौजदारी कार्रवाई होगी. प्रति एकड़ बुआई खर्च लगभग 1000 रुपये आंका जा रहा है.-विजय चव्हाले, जिला कृषि अधीक्षक