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    अमरावती. अंधश्रध्दा में गर्म दराती से दागने की अघोरी करतूत ने फिर एक बालक की बलि ली है. गंभीर अवस्था में  जिला सरकारी अस्पताल में इलाज ले रहे 2 वर्षीय मासूम राजवीर रतन जांबेकर (खटकाली, चिखलदरा) की शनिवार की दे रात मौत हो गई. स्वास्थ्य यंत्रणा ने भले ही उसकी मृत्यु का मुख्य कारण मेंदूज्वर बताया हो, लेकिन मेलघाट में आज भी जीवित अंधश्रध्दा के चलते उसकी मौत हुई है, यह वास्तव है. 

    मेंदुज्वर में दागा 

    राजवीर बीते एक माह से पेट दर्द और पेट फुगने की बीमारी से पीडित था. लेकिन परिजनों ने उसे अस्पताल में न ले जाते हुए अघोरी उपाय किया. उसके दादी मां जासो गोंडान धांडेकर (खटकाली) ने शुरू में एक माह पहले उसके कान को गर्म सलाखों से दागा. योग्य उपचार नहीं होने से राजवीर का स्वास्थ्य बिगडता चला गया. पांच दिनों पूर्व जासो ने उसके पेट पर गर्म दराती से दागा.

    जिससे उसकी तबियत और बिगड गई. उसे गंभीर अवस्था में चिखलदरा के ग्रामिण अस्पताल में लाया गया. लेकिन उसे अमरावती जिला सरकारी अस्पताल में रेफर किया गया. वीगत तीन दिनों से उस पर उपचार शुरू थे. लेकिन शनिवार को देर रात उसकी मौत हो गई.