थर्टी फर्स्ट के जश्न पर वर्दी का जोर- रेस्टारेंट, होटल संचालकों में नाराजगी

अमरावती. इस वर्ष कोरोना के साए में मनाए जा रहे थर्टी फर्स्ट के जश्न पर पुलिस के डंडे का जोर रहेगा. रेस्टारेंट, होटलों को रात दस बजे तक ही शुरु रखने की अनुमति शासन द्वारा दी जाने से पुलिस आयुक्त डा.आरती सिंह ने सड़क पर उतरकर कडाई से पालन कराने के निर्देश प्रशासन को दिए है. जिससे रेस्टारेंट, होटल और बार संचालकों में तीव्र नाराजगी देखी जा रही है. संचालकों का कहना है कि शहर का मार्केट, बैंक, सब्जी बाजार की भीड़ पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, लेकिन होटलों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया जा रहा है.  

बाजार की भीड़ पर कार्रवाई नहीं

दिन भर शहर की दूकानें, मॉल, इतवारा बाजार समेत विभिन्न बैंकों में जबरदस्त भीड़ रहती है, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती. लेकिन होटल संचालकों को वर्दी का खौफ बताया जा रहा है. जिस कारण सीपी के आदेशों का पालन कर सभी होटल, बार, रेस्टारेंट थर्टी फर्स्ट के दिन ठिक रात 10 बजे बंद कर दिए जाएंगे. – नितीन मोहोड, अध्यक्ष, जिला परमीट बार एसो.

कम से कम एक दिन दे छूट

लोगों के उत्साह तथा होटलों की आर्थिक स्थिती को समझते हुए कम से कम एक दिन छूट देनी चाहिए थी. थर्टी फर्स्ट पर व्यवसाय नहीं होने का असर होटल संचालकों के साथ होटलों पर निर्भर स्टाफ पर भी पडेगा, जिसका विचार प्रशासन ने करना चाहिए. कोरोना के कारण होटल व्यवसाय बुरी तरह से चरमरा गया है. अब जब परिस्थिति सामान्य हो रही है, तब भी कोई सहुलियत नहीं दी जा रही. जबकि शहर के मुख्य बाजार में उमडनेवाली भीड़ पर कोई अंकुश नहीं लगाया जा रहा. 

होटलों पर ही अन्याय  

लाकडाउन के दौरान सभी मार्केट खुल गया, बावजूद इसके होटलों के खुलने का ही इतंजार करना पड़ा. कई बार प्रशासन से चक्कर कांटने के बाद भी नियमों व शर्तों के आधार पर होटल खोले गए. अब जब सभी मार्केट रात 10 बजे के बाद भी खुला है. शादी ब्याह धूमधाम से हो रहे है तो एक दिन के लिए राहत देने के बजाए वहां भी होटलों पर ही अन्याय किया जा रहा है.- सागर देशमुख, संचालक फिरंगी तड़का

प्रशासन के खिलाफ क्या बोले

लाकडाउन में प्रशासन को होटल संचालकों ने हरसंभव सहयोग किया. जितने दिनों तक प्रशासन ने कहा उतने दिनों तक होटल व्यवसायिकों ने अपने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे. इस दौरान केवल पार्सल सुविधा की व्यवस्था कराई तो उसके लिए भी तैयार हुए. शादी ब्याह के बाद थर्टी फस्ट ही होटल व्यवसायिकों को व्यवसाय दिलाता लेकिन उस पर भी पानी फेर गया है. -संकेत खंडेलवाल, संचालक होटल नैवद्यम