husband sold his wife for 5,000, purchasers committed gangrape, when police did not help, the victim had to go to court

अमरावती. कोरोना महामारी के दौरान लाकडाऊन में किसी अस्पताल में काम दिलाने के बहाने भानखेड़ा के जंगल में ले जाकर एक महिला के साथ 3 आरोपियों ने गैंगरेप किया. फ्रेजरपुरा पुलिस ने 3 आरोपियों को हिरासत में लेकर 10 नवंबर तक पुलिस कस्टड़ी में लिया है. आरोपी धीरज रमेश सोलूंके (34), प्रफुल्ल भागवन म्हैंसकर (20) (दोनों काहला, खानापुर निवासी) तथा चेतन प्रवीण खंडार उर्फ देशमुख (30,नांदगांव खंडेश्वर) है.

वीडियो बनाकर किया अत्याचार

फ्रेजरपुरा क्षेत्र में रहने वाली एक 30 वर्षीय महिला घर काम करती है. कोरोना लाकडाऊन के कारण उसका कामकाज बंद हो गया था. महिला की आरोपी धीरज सोलूंके से पहचान थी. जिसके चलते धीरज ने उसे बताया कि उसके लिए किसी दवाखाने में साफ सफाई की नौकरी है. जिसे नौकरी पर लगवाने के बहाने 1 अप्रैल 2020 की रात यशोदा नगर चौक पर बुलाया. महिला को धीरज गाड़ी पर बैठाकर अपने साथ छत्री तालाब से होकर भानखेड़ा ले गया. यहां धीरज व उसके दो साथी प्रफुल व चेतन खंडार ने महिला के साथ गैंगरेप किया. इस दौरान धीरज ने उसका वीडियो बनाकर फेसबुक पर अपलोड़ करने की धमकी दी. जिससे महिला डरकर खामोश हो गई. इस तरह आरोपी महिला पर अत्याचार करते रहे.

पुलिस बयान में तथ्य उजागर

आरोपियों की प्रताड़नाओं से तंग आकर महिला ने शुक्रवार को पुलिस के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई. जिससे यह मामला उजागर हुआ. फ्रेजरपुरा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर 3 आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज किया. 10 नवंबर तक पुलिस कस्टड़ी लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है.