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अमरावती. शिवाजी शिक्षण संस्था द्वारा संचालित डा. पंजाबराव देशमुख स्मृति वैद्यकीय महाविद्यालय तथा अस्पताल में शनिवार को लगातार 5वें दिन भी परिचारिकाओं का काम बंद आंदोलन जारी रहा. संस्था संचालक परिचारिकाओं में 5वें दिन भी कोई मीटिंग ना होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिसके कारण अस्पताल में नए मरीज लेना बंद हो गया है, जबकि जो मरीज अस्पताल में इलाज ले रहे थे उन्हें भी छुट्टी दी जा रही है.

3 माह से नहीं मिला वेतन
शनिवार को आंदोलन कर रही परिचारिकाओं ने जिलाधिकारी शैलेश नवाल से भेंट ली, जिन्होंने जिलाधिकारी को बताया कि कोरोना के दौरान अस्पताल में सेवा देने के बावजूद 3 महीने से वेतन नहीं मिला है. नियमित वेतन ना मिलने तथा अस्पताल व्यवस्थापन की ओर से किसी तरह की कोई दखल ना लिए जाने की बात जिलाधिकारी के समक्ष रखी गई. संस्था को दान देने के नाम पर कर्मचारियों के वेतन से बड़ी कटौती की जा रही है. 3 महीने का उनका वेतन तत्काल देने, कोविड-19 वार्ड में सेवा देने वाले कर्मियों को पीपीई किट तथा अन्य मूलभूत सुविधा देने समेत अन्य मांग की गई. इस बारे में जिलाधिकारी ने उन्हें चर्चा के बाद अस्पताल प्रशासन से इस बारे में बातचीत कर जल्द निर्णय लेने के आश्वासन दिया.