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    नई दिल्ली: दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने बुधवार को कहा कि 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी संभवत: फरवरी 2022 में होगी और सरकार इसे जनवरी में भी कराने का प्रयास कर सकती है। 

     वैष्णव ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि मंत्रिमंडल ने दूरसंचार क्षेत्र में जिन सुधारों को लेकर पैकेज को मंजूरी दी है, वे मौजूदा कंपनियों के बाजार में बने रहने के लिये पर्याप्त हैं और क्षेत्र में मजबूत प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि और सुधारों तथा संरचनात्मक बदलाव पर विचार जारी है। ‘‘क्षेत्र में और कंपनियों को आना चाहिए।”

    केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को दबाव में फंसे दूरसंचार क्षेत्र के लिये बड़े सुधार पैकेज को मंजूरी दी। इस पैकेज में सांविधिक बकाये के भुगतान से चार साल की मोहलत, दुलर्भ रेडियो तरंगों को साझा करने की अनुमति, सकल समायोजित राजस्व (एजीआर) की परिभाषा में बदलाव तथा स्वत: मंजूर मार्ग से 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति शामिल है। मोहलत समेत सुधारों के लागू होने की तारीख एक अक्टूबर है।     

     वैष्णव ने कहा, ‘‘प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए सुधार पैकेज काफी अच्छा है। निश्चित रूप से यह दूरसंचार कंपनियों के अस्तित्व को कायम रखने, क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बनाये रखने तथा क्षेत्र की मजबूती के लिहाज से बेहतर है। कुछ और बदलाव प्रस्तावित हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि उनसे और कंपनियां क्षेत्र में आएंगी।”

    मंत्री ने कहा कि सरकार दूरसंचार क्षेत्र की मजबूती को लेकर सुधारों को आगे बढ़ाने के लिये पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। ‘‘हमारा इरादा रुकने का नहीं है।”वैष्णव ने कहा कि उन्होंने बुधवार को पैकेज की जानकारी देने के बाद क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के साथ बात की और उन्होंने जिन उपायों की घोषणा की गयी है, उनको लेकर खुशी जतायी। 

    मंत्री ने कहा, ‘‘सभी बड़ी कंपनियों ने कहा कि जो जरूरत थी, वे कदम उठाये गये हैं।”5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में होगी। मंत्री ने कहा, ‘‘इसके फरवरी 2022 में होने की संभावना है…हम जनवरी में भी प्रयास कर सकते हैं।”

    स्पेक्ट्रम की ऊंची कीमत को लेकर उद्योग की चिंता पर मंत्री ने कहा, ‘‘ट्राई (भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण) विचार-विमर्श कर रहा है…ट्राई के विचार-विमर्श को खत्म होने और उनकी अंतिम रिपोर्ट आने दीजिए। इस बारे में उस समय बातचीत करना बेहतर होगा।” उन्होंने कहा कि सरकार दूरसंचार पैकेज के तहत लिये गये प्रत्येक निर्णय पर विस्तार से परिपत्रों को जारी करेगी। एजीआर परिभाषा में बदलाव से जुड़ा परिपत्र 2-3 सप्ताह में आएगा। 

    एजीआर परिभाषा में गैर-दूरसंचार मदों को हटाने की बात कही गयी है। उन्होंने कहा, ‘‘इस सुधार पैकेज के पीछे जो सोच है, उसमें अगले 25 साल को ध्यान में रखकर निर्णय किये गये हैं…।” कंपनियों के लिए सांविधिक बकाये के भुगतान के लिये चार साल की मोहलत और इक्विटी के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि एक बार मोहलत अवधि समाप्त होने और वार्षिक किस्त की अवधि शुरू होने के बाद “हम उस किस्त को इक्विटी में परिवर्तित कर सकते हैं। इससे नकदी की स्थिति बेहतर हो सकती है।” 

    मंत्री ने यह भी कहा कि यह सब उस समय की परिस्थिति तथा क्या आगे और हस्तक्षेप की जरूरत है, इस पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई कंपनी मोहलत अवधि के दौरान भी ब्याज भुगतान करने में असमर्थ है, उनके पास इक्विटी के रूप में ब्याज राशि देने का विकल्प है। (एजेंसी)