दिहाड़ी पर कार्यरत 154 मनपा कर्मचारी स्थायी

  • ठाकरे सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में दी मंजूरी

औरंगाबाद. बीते 20-22 सालों से औरंगाबाद महानगर पालिका में दैनिक वेतन पर कार्यरत 154 कर्मचारियों को स्थायी करने का निर्णय ठाकरे सरकार ने लिया है. सरकार के इस निर्णय से मनपा कर्मचारियों में खुशी की लहर दौडी है. इसको लेकर सरकार निर्णय नगर विकास विभाग ने 28 सितंबर को जारी किया है.

गौरतलब है कि मनपा में गत  20-22 सालों से दैनिक वेतन पर कार्यरत इन कर्मचारियों को स्थायी करने का प्रस्ताव शहर के तत्कालीन महापौर नंदकुमार घोडेले की  अध्यक्षता में 11 जुलाई 2018 को संपन्न हुई मनपा की आम सभा में पारित हुआ था. उधर, सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी कर्मचारी को सीधे सरकारी सेवा में दाखिल करने को लेकर एक आदेश जारी किया हुआ है. उस आदेश के तहत उन 154 कर्मचारियों को मनपा की सेवा में सीधे भरती कर स्थायी न करते हुए मनपा के आकृतिबंध में इन पदों को शामिल कर वर्तमान में कार्यरत 154 कर्मचारियों को स्थायी करने का प्रस्ताव मनपा प्रशासन ने राज्य सरकार के पास भेजा था. 

 सपना पूरा हुआ 

मनपा में सालों से दैनिक वेतन पर काम करनेवाले कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग को लेकर शहर के पूर्व सांसद चन्द्रकांत खैरे, विधायक अंबादास दानवे, विधायक प्रदीप जैसवाल, विधायक  संजय सिरसाठ, तत्कालीन महापौर नंदकुमार घोडेले, पूर्व उपमहापौर राजेन्द्र जंजाल, मनपा प्रशासक आस्तिक कुमार पांडेय, कामगार शक्ति संगठन के अध्यक्ष गौतम खरात प्रयासरत थे. काफी सालों बाद इन कर्मचारियों का स्थायी होने का सपना पूरा हुआ है. सरकार के इस निर्णय से स्थायी किए गए 154 कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है.