ग्रामीण पुलिस के लिए एमजीएम में 50 बेड आरक्षित

  • एसपी मोक्षदा पाटिल के प्रयासों को मिली सफलता
  • अब तक 255 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी कोरोना ग्रसित

औरंगाबाद. कर्तव्य निभाते समय कोरोना महामारी के चपेट में आने पर पुलिस कर्मचारियों का तत्काल इलाज हो, इस बात को सामने रखकर औरंगाबाद ग्रामीण की एसपी मोक्षदा पाटिल प्रयासरत थी. जिसे सफलता मिल गई है. शहर के निजी अस्पताल एमजीएम में 50 बेड पुलिस कर्मचारियों के लिए आरक्षित किए गए हैं. अबतक ग्रामीण पुलिस दल के 255 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी कोरोना के चपेट में आए है. उसमें एक की मौत भी हुई है. वहीं, 148 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी इस महामारी से बाहर आकर अपना कर्तव्य भी निभा रहे हैं.

परिवार के सदस्य का भी होगा इलाज

कोरोना बाधित मरीजों की संख्या बढ़ने पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बेड उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे. यह गंभीर समस्या एसपी मोक्षदा पाटिल के समक्ष आने पर उन्होंने इसका हल निकालने और पुलिस के समक्ष आनेवाली इस गंभीर समस्या को हल करने शहर के एमजीएम अस्पताल में 50 बेड आरक्षित करवाए हैं. उसमें कोरोना पीडि़त  कर्मचारियों सहित उनके परिवार के सदस्य भी भर्ती होंगे. महाराष्ट्र पुलिस परिवार कल्याण योजना से यह सब खर्च होगा. यह जानकारी एसपी मोक्षदा पाटिल ने दी.

एसपी कार्यालय व एमजीएम के बीच करार

उन्होंने बताया कि इसको लेकर औरंगाबाद ग्रामीण एसपी कार्यालय और एमजीएम अस्पताल के बीच एक करार किया गया है. इस करार में कोविड के मरीजों को सरकारी नियमानुसार तय किया गया इलाज, औषधि और सुविधाएं मिलेगी. एसपी मोक्षदा पाटिल ने बताया कि कोई भी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी संक्रमित होने पर उसका परिवार सक्ते में रहता है. ऐसे में एसपी कार्यालय द्वारा किए करार से पुलिस कर्मचारी और उनके परिवार को बड़े पैमाने पर राहत मिली है.

किसी भी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी के संक्रमित होने पर उसका परिवार सक्ते में रहता है. ऐसे में एसपी कार्यालय द्वारा किए करार से पुलिस कर्मचारी और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है.  -मोक्षदा पाटिल, एसपी, औरंगाबाद ग्रामीण