50 people will be able to attend the wedding ceremony, the collector gave permission

    औरंगाबाद. औरंगाबाद जिला प्रशासन (Aurangabad District Administration) द्वारा शहर सहित जिले भर में कोरोना (Corona) महामारी के बढ़ते प्रकोप के चलते विवाह समारोह (Marriage Ceremony) पर पाबंदी (Restriction) लगाकर 11 मार्च से 4 अप्रैल तक रजिस्टर्ड विवाह (Registered Marriage)करने  को परमिशन (Permission) दी गई थी। प्रशासन द्वारा अचानक लिए इस निर्णय से पहले से तय विवाह समारोहों पर पाबंदी लगने से लोगों के समक्ष कई परेशानियां हो रहीं थी। इन परेशानियों से विवाह समारोह संघर्ष समिति ने औरंगाबाद मध्य के विधायक प्रदीप जैसवाल (MLA Pradeep Jaiswal) को अवगत कराया था। इस पर विधायक जैसवाल ने कलेक्टर सुनील चव्हाण से मुलाकात कर विवाह समारोह में 50 लोगों के उपस्थिति की परमिशन देने की मांग की थी। इस मांग को जिला प्रशासन ने हरी झंडी दिखा दी है।

    हाल ही में विवाह समारोह संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने विधायक प्रदीप जैसवाल से मुलाकात कर प्रशासन द्वारा अचानक विवाह समारोह को लगाए पाबंदी से हजारों कामगारों का रोजगार छिनने के अलावा जिनके घरों में पहले से विवाह तय था, उनके समक्ष आ रही परेशानियां से अवगत कराया था। समिति के पदाधिकारियों ने बताया था कि अचानक विवाह समारोह पर पाबंदी लगने से पंडाल व्यवसायिक, अचारी, मंगल कार्यालय, प्रिटिंग व्यावसायिक, फोटो-वीडियो ग्राफर, ट्रान्सपोर्ट, बैंड व्यवसाय करनेवाले कामगारों के समक्ष भुखे सोने की नौबत आ रही है। 

    विधायक प्रदीप जैसवाल ने की थी मांग

    इस पर विधायक प्रदीप जैसवाल ने कलेक्टर सुनील चव्हाण से मुलाकात कर विवाह समारोह पर लगे पाबंदियों से जनता के समक्ष आ रही परेशानियां से एक ज्ञापन देकर अवगत कराकर 50 लोगों के उपस्थिति में विवाह करने के लिए परमिशन  देने की मांग की थी। सारी स्थिति को जानकर कलेक्टर सुनील चव्हाण ने विवाह समारोह में 50 लोगों के उपस्थिति को परमिशन दी।