औरंगाबाद ग्रामीण क्षेत्र में बंद को जोरदार प्रतिसाद

  • शहर में बंद का मामूली असर

औरंगाबाद. केन्द्र सरकार द्वारा पारित किए गए कृषि कानून रद्द करने की मांग को लेकर विविध किसान संगठनों व राजनीतिक दलों द्वारा किए गए भारत बंद (Bharat Band) को ग्रामीण क्षेत्र में जोरदार प्रतिसाद मिला। औरंगाबाद शहर में बंद का मामूली असर देखा गया। शहर में व्यवहार पूरी तरह रोज की तरह जारी थे। लेकिन, ग्रामीण क्षेत्रों में बंद 100 प्रतिशत  सफल रहा।

दिल्ली में किसानों के जारी आंदोलन को समर्थन  देने मंगलवार को भारत बंद का ऐलान किया गया था। बंद के ऐलान पर जिले के गंगापुर, पैठण, खुलदाबाद, सिल्लोड, फुलंब्री, वैजापुर, कन्नड, सोयगांव, फुलंब्री तथा औरंगाबाद तहसील के हर छोटे गांवों में किसानों व व्यापारियों ने बंद रखकर किसान आंदोलन को समर्थन दिया। 

उधर, शहर के व्यापारियों ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया, लेकिन व्यवहार बंद नहीं रखें। जिसके चलते औरंगाबाद शहर में बंद का मामूली असर देखा गया। बंद को राज्य में सत्तासीन महाविकास आघाड़ी के तीन प्रमुख दल शिवेसना-कांग्रेस तथा एनसीपी ने समर्थन देने से शहर में  कड़ा पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था। 

केन्द्रीय मंत्री दानवे के घर के सामने आंदोलन 

देश के केन्द्रीय मंत्री रावसाहाब दानवे के गारखेड़ा परिसर में स्थित बंगले के सामने प्रहार जनशक्ति पार्टी की ओर से आंदोलन किया गया। इससे पूर्व इस पार्टी की ओर से क्रांति चौक से भव्य वाहन रैली निकाली गई।

इधर, भारतीय किसान सभा, आम आदमी पार्टी, भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी, स्वराज अभियान, श्रमिक संगठन की ओर से दिल्ली गेट परिसर में आंदोलन किया गया। पुलिस ने सभी आंदोलन कारियों को बाद में गिरफ्तार कर रिहा किया। कॉ. सुभाष लोमटे तथा राम बाहेती ने आंदोलन कारियों को मार्गदर्शन करते हुए केन्द्र सरकार पर निशाना साधा। उधर, बंद के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में सभी व्यापार पेठों में सन्नाटा छाया हुआ था। बंद को महाराष्ट्र फर्टीलायझर्स पेस्टी साईडस डिलर्स एसोसिएशन समर्थन देने के चलते कृषि संबंधित बीज व खाद के दुकाने पूरी तरह बंद रहें।