कोरोना पर लगाम लगाने प्रशासन नाकाम : भाजपा

 – औरंगाबाद जिले के मंत्री को सौंपा जाए अंकुश लगाने का जिम्मा

– भाजपा शहराध्यक्ष केणेकर की पालकमंत्री से मांग

औरंगाबाद. प्रशासन के लापरवाही से शहर में कोरोना बाधित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. जिससे शहर के नागरिकों में डर का माहौल है. शहर को इस महामारी से मुक्त करने के लिए जिले के दो मंत्री संदिपान भुमरे व अब्दुल सत्तार  में से एक मंत्री पर कोरोना पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी सौंपने की मांग भाजपा शहराध्यक्ष संजय केणेकर ने राज्य के उद्योग मंत्री तथा जिले के पालकमंत्री सुभाष देसाई को एक ज्ञापन देकर की.

पालक मंत्री को सौंपा ज्ञापन

औरंगाबाद के 2 दिन के दौरे पर आए देसाई से  केणेकर ने मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में  भाजपा शहराध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान में शहर में कोरोना पीडि़त मरीजों का आंकड़ा 4 हजार  पार कर चुका है, वहीं सवा दो सौ से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है. प्रशासन ने अब तक 3 से 4 बैठकें ली, लेकिन जन प्रतिनिधि प्रशासन के कामकाज में बिल्कुल हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं. राज्य सरकार का यहां कोई अस्तित्व दिखाई नहीं दे रहा है. आपके पास राज्य की बड़ी जिम्मेदारी हैं, ऐसे में आपका यहां हमेशा आना असंभव है. इसलिए जिले के 2 मंत्रियों में से एक मंत्री के पास कोरोना पर अंकुश पाने की  जिम्मेदारी सौंपने की मांग केणेकर ने देसाई से की.

प्रशासन ने हमारी सलाह को किया अनदेखी 

भाजपा शहराध्यक्ष केणेकर ने बताया कि हमने प्रशासन को कई सलाह दी, लेकिन उन पर आज तक अमल नहीं हुआ. यही कारण है कि आज औरंगाबाद में प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज पाए जा रहे हैं. ऐसे में अब कड़े कदम उठाने की जरुरत है. उन्होंने बताया कि 3 माह में 100 वेंटिलेटर आने चाहिए थे, जो आज तक नहीं आ पाए. शहर में मनपा द्वारा बनाए गए क्वारंटाइन सेंटरों में सुविधाओं का अभाव है. जिससे कोरोना संदिग्ध लोग वहां जाने से डर रहे है. शहर के बढ़ते विस्तार को देखकर 1100 स्वैब मशीनों की व्यवस्था होनी चाहिए थी, लेकिन सिर्फ 400 मशीने ही खरीदी गई.

निजी अस्पताल की लूट खसोट पर लगे ब्रेक

केणेकर ने  पालकमंत्री देसाई को सौंपे ज्ञापन में बताया कि कोविड-19 को छोड़कर अन्य इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंच रहे मरीजों पर इलाज करने से साफ इंकार किया जा रहा है. इसके लिए जिम्मेदार कौन? यह सवाल उपस्थित कर बताया कि जो मरीज निजी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, उनसे मोटी रकम वसूली जा रही है. इस पर लगाम लगाने की मांग भाजपा शहराध्यक्ष  संजय केणेकर ने की.