किसानों को आत्मनिर्भर बनानेवाला कृषि बिल

  •  भाजपा सांसद डॉ. कराड का दावा

औरंगाबाद. किसानों के हित में केन्द्र सरकार द्वारा मानसून अधिवेशन में पारित किए गए 3 बिल किसानों को स्वतंत्र,  स्वाभिमानी तथा आत्मनिर्भर बनाने में कारगर साबित होंगे. इन बिल से किसानों को बड़े पैमाने पर अपना माल बेचने में फायदा होगा. यह दावा भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ. भागवत कराड ने मंगलवार को यहां किया.

डॉ. कराड ने बताया कि वे राज्यसभा सदस्य मनोनित होने के बाद पहली बार उन्होंने केन्द्र के मानसून अधिवेशन में हिस्सा लिया. इस अधिवेशन में 25 विधेयक राज्यसभा में पारित करने रखे गए थे. जिसमें तीन कृषि विधेयक थे. उन्होंने बताया कि हमारा देश कृषि प्रधान देश है. देश में आज भी 60  प्रतिशत व्यवहार खेती पर निर्भर है. ऐसे में सरकार ने पारित किए तीन कृषि बिलों से देश के किसी भी राज्य का किसान अपना माल अन्य किसी शहरों व राज्यों में बेच सकता है. डॉ. कराड ने कहा कि इन विधेयकोंं से किसानों को उनका उत्पादन बेचने के लिए तथा खरीद दारों को खरीदी-बिक्री करने के लिए अधिक पर्याय तथा स्वतंत्रता मिलकर कृषि विपणन में स्पर्धा निर्माण होगी. इस स्पर्धा के चलते विपणन का खर्च कम होगा. किसानों को अपने माल की  बेहतर कीमत मिलेगी. खेती में अधिक कार्यक्षम मूल्य चैन तैयार होने में मदद होगी. जिससे कीमतों में बार-बार निर्माण होनेवाली अस्थिरता कम होगी.

विरोधियों का आंदोलन  दिखावा

सांसद डॉ. कराड ने विरोधी दलों और विभिन्न संगठनों द्वारा केन्द्र सरकार द्वारा पारित किए गए कृषि विधेयकों पर किए जा रहे आंदोलन की  खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि विरोधियों का आंदोलन एक दिखावा है. इन विधेयकों को लेकर विरोधी गलत प्रचार कर रहे हैं. खेती उपज को मिलनेवाला दाम और किसानों के समक्ष आनेवाली दिक्कतें गत कई सालों से गंभीर समस्याएं थीं. अब नए कानून के चलते किसानों को सर्वोत्तम स्पर्धात्मक बाजार और बेहतर  मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी. कराड ने कहा कि विधेयक में एपीएमसी बाजार समितियों की एकाधिकार कम की गई है. बाजार समिति के एकाधिकार से किसान मुक्त हुआ है.

 4 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई

उधर, मिनिमम सेल प्राईज यानी एमएसपी दाम के अनुसार खेती माल की खरीदी बंधनकारक की गई है. किसान और व्यापारी के बीच निर्माण होनेवाले व्यवहार विवाद को हल करने  के लिए उपविभागीय अधिकारी के नियंत्रण में 4 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है. यह विवाद एक माह में हल करना होगा. ऐसे में केन्द्र सरकार द्वारा पारित किए गए कृषि विधेयक किसानों के हित में होने का दावा सांसद  डॉ. भागवत कराड, पत्रकार परिषद में भाजपा प्रवक्ता शिरीष बोरालकर, जिलाध्यक्ष विजय औताडे,पूर्व उपमहापौर प्रमोद राठोड उपस्थित थे.