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औरंगाबाद. प्लाट पर निर्माण करने के लिए मना करनेवालों के खिलाफ दिए आवेदन पर कार्रवाई करते हुए विरोधक के दस्तावेज देने के लिए रिश्वत के रुप में रेड मी कंपनी का करीब 15 हजार रुपए का मोबाइल लेनेवाले सहायक फौजदार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रंगे हाथों पकड़ा है. पकड़े गए रिश्वतखोर सहायक फौजदार की पहचान भास्कर रामजी खरात के रुप में की गई है.                          

एसीबी के पुलिस अधीक्षक डॉ. राहुल खाडे ने बताया कि शिकायतकर्ता अपने एमआईडीसी वालूज परिसर में स्थित मालिकाना हक वाले प्लाट पर निर्माण कार्य कर रहा है. निर्माण कार्य शुरु करने पर शिकायतकर्ता को कुछ लोगों ने गाली गलौज देकर धमकाना शुरु किया था. इससे घबराए शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत सीपी कार्यालय में की थी.

दस्तावेज के बदले मांगी रिश्वत

यह आवेदन जांच के लिए आरोपी सहायक फौजदार भास्कर खरात के पास पहुंचा. शिकायत के समय आरोपी एएसआई खरात एमआईडीसी वालूज थाना में कार्यरत था.उस समय खरात  ने शिकायतकर्ता और विरोधक से प्लाट के दस्तावेज लिए थे. इसी दरमियान आरोपी एएसआई खरात का तबादला मुकुंदवाडी थाना में हो गया. इस पर शिकायतकर्ता ने विरोधक द्वारा पेश किए प्लाट के  दस्तावेज मांगे. इन दस्तावेजों को देने के लिए आरोपी खरात ने रेड मी कंपनी का मोबाइल मांगा. यह मोबाइल देने की इच्छा न होने से शिकायतकर्ता ने एसीबी के पास शिकायत लिखाई. इसी शिकायत पर एसीबी ने शुक्रवार की देर शाम एएसआई खरात को रिश्वत के रुप में मोबाइल लेते हुए शहर के बाबा पेट्रोल पंप चौक में रंगे हाथों गिरफ्तार किया. यह कार्रवाई एसपी डॉ. राहुल खाडे, अपर अधीक्षक अनित जमादार के मार्गदर्शन में पीआई गणेश धोकरट, विजय ब्राम्हादे, सुनील पाटिल, अरुण उगले, मिलिंद इपर आदि ने पूरी की.