लिकेजेस बंद होने पर ही औरंगाबाद वासियों को मिलेंगा 2 दिन बाद पानी – विधायक सावे

    औरंगाबाद. शहर को करीब 55 किलोमीटर दूर जायकवाडी बांध (Jayakwadi Dam) से पेयजल (Drinking Water) आपूर्ति (Supplied) की जाती। जायकवाडी बांध से शहर तक पेयजल आपूर्ति करनेवाली पाईप लाईन काफी पुरानी हो चुकी है। शहर की पेयजल समस्या हल करने के लिए राज्य की तत्कालीन फडणवीस सरकार (Fadnavis Government) द्वारा मंजूर 1680 करोड़ की नई पेयजल योजना के प्रथम चरण में बांध से शहर तक नई पाईप लाईन के काम को प्राथमिकता देना जरुरी है। वर्तमान में शहर को पेयजल आपूर्ति करनेवाली पाईप लाईन में बड़े पैमाने पर लिकेजेस (Leakages) है। वह बंद करने पर ही शहरवासियों को 2 दिन गैप देकर पेयजल आपूर्ति हो सकती। इस ओर सत्ताधारी सहित सभी दलों के जनप्रतिनिधियों को विशेष लक्ष्य केंद्रित करने की जरुरत है।  यह मांग औरंगाबाद पूर्व के भाजपा विधायक अतुल सावे ने की। 

    अतुल सावे ने बताया कि पालकमंत्री सुभाष देसाई ने महानगरपालिका प्रशासन को सप्ताह में दो बार शहरवासियों को पेयजल आपूर्ति करने के लिए नियोजन करने की  सूचना  की थी।  उस पर अमल के लिए किसी प्रकार की पहल महानगरपालिका प्रशासन द्वारा नहीं की गई।  आज भी शहर के कई इलाकों में सप्ताह में एक बार पेयजल आपूर्ति जारी है। सावे ने कहा कि जैसे ही नई पेयजल योजना का काम शुरु होगा, उसमें सबसे पहले  जायकवाडी बांध से शहर तक नई पाईप लाईन बिछाने का काम पूरा होना चाहिए। उसके बाद पेयजल वितरण यह दूसरा विषय है। पुरानी पाईप लाईन में भी बड़े पैमाने पर लिकेजेस है, उसे बंद करना भी जरुरी है।  

    हर दिन किया जाता 100 एमएलडी पानी लिफ्ट 

    सावे ने बताया कि बांध से हर दिन 100 एमएलडी पानी लिफ्ट किया जाता।  शहर को हर दिन 200 एमएलडी पानी की जरुरत है। शहर की जरुरत को ध्यान में रखकर दो दिन गैप देकर शहर वासियों को पेयजल आपूर्ति की जा सकती।  उसके लिए प्रशासन द्वारा नियोजन करने की जरुरत है। अंत में सावे ने बताया कि हाल ही में संपन्न हुए मानसून अधिवेशन में शहर की नई पेयजल योजना के लिए किसी प्रकार का प्रावधान नहीं किया गया।  गत अधिवेशन में मामूली रकम का प्रावधान किया गया था।  महानगरपालिका के हिस्से में आनेवाली 600 करोड़ की राशि महानगरपालिका अदा करने में असक्षम है।  इसलिए मैंने राज्य के सीएम उध्दव ठाकरे से मुलाकात कर उक्त रकम राज्य सरकार ही अदा करने की मांग की थी।