लोकसभा में गूंजी औरंगाबाद के पेयजल की समस्या

  •  सांसद जलील ने उठाया मुद्दा 

औरंगाबाद. ऐतिहासिक औरंगाबाद शहर  की पेयजल समस्या सालों से बरकरार है. यह समस्या हल करने में स्थानीय प्रशासन नाकाम है. जिले के सांसद इम्तियात जलील ने लोकसभा के जारी मानसून अधिवेशन के दौरान बुधवार को शहर की पेयजल आपूर्ति की समस्या का मुद्दा उठाकर केन्द्र सरकार से अनुरोध किया कि वे जल्द से जल्द शहर की पेयजल समस्या हल करने के लिए कड़े कदम उठाए.

गौरतलब है कि शहर की गंदी राजनीति के चलते  पिछले 15 सालों से शहर की पेयजल समस्या हल नहीं हो पा रही है. शहर को पेयजल आपूर्ति करनेवाला जायकवाडी डैम्प लबालब भरा हुआ है, लेकिन पेयजल आपूर्ति करने का नियोजन स्थानीय प्रशासन द्वारा न किए जाने से आज भी शहर के नागरिक एक सप्ताह बाद पेयजल पानी के लिए मजबूर है. इस पर सांसद जलील ने बुधवार को लोकसभा में मुद्दा उठाते हुए बताया कि हमारे देश को आजादी मिलकर 70 साल से अधिक का समय गुजरा है. 

…तो औरंगाबाद वासियों को हर दिन पानी मिलता

आजादी के 70 साल बाद भी औरंगाबादवासी शहर को पेयजल आपूर्ति करनेवाला बांध लबालब भरा होने के बावजूद एक सप्ताह बाद पेयजल पाने के लिए मजबूर है. महाराष्ट्र की पिछले सरकारों के असफलता के चलते जायकवाडी डैम्प लबालब होने से उसका पानी मजबूरन अन्य बांधों में छोड़ा जा रहा है. शहर की पेयजल आपूर्ति की समस्या हल करने के लिए पहले ही नियोजन किया जाता तो औरंगाबाद वासियों को हर दिन पानी मिलता. सांसद जलील ने कहा कि केन्द्र सरकार ने देश के हर नागरिक के घर तक जल आपूर्ति करने का वादा किया हुआ है, परंतु इस नारे का असर औरंगाबाद में कहीं भी दिखाई नहीं दे रहा है. शहर के लिए मंजूर की गई 1680 करोड़ की योजना का काम पारदर्शिकता से जल्द से जल्द पूरा किया गया तो औरंगाबाद वासियों की पेयजल समस्या हल होगी. नयी पेयजल योजना का काम जल्द पूरा करने के लिए केन्द्र सरकार ने विशेष लक्ष्य केन्द्रीत कर पेयजल आपूर्ति की समस्या हल करने के लिए प्रयास करने की मांग सांसद जलील ने बुधवार को लोकसभा में सरकार से की.