दो हिस्सों में नहीं बटेगा बामू विश्वविद्यालय

  •  उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत का स्पष्टीकरण

औरंगाबाद. राज्य की महाविकास आघाडी सरकार स्थानीय डॉ. बाबासाहाब आंबेडकर मराठवाडा विश्वविद्यालय के विभाजन करने का संभ्रम विरोधी फैला रहे है. बामू विश्वविद्यालय के उस्मानाबाद उपकेन्द्र के विकास के लिए सरकार ने एक समिति का गठन किया है. समिति का गठन विभाजन के लिए नहीं है. किसी भी हालत में बामू विश्वविद्यालय दो हिस्सों में नहीं बटेंगा. यह स्पष्टीकरण राज्य के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने यहां दिया. विश्वविद्यालय द्वारा लिए जानेवाले परीक्षाओं का जायजा लेने सावंत शनिवार को औरंगाबाद पधारे थे, तब उन्होंने बामू विश्वविद्यालय के कुलगुरु के अलावा अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर परीक्षाओं का जायजा लिया. उसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उदय सामंत ने यह स्पष्टीकरण दिया.

उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय काफी मेहनत से निर्माण हुआ है. राज्य सरकार के नाम पर विरोधक जानबूझकर बामू विश्वविद्यालय को बांटने का ढिंढोरा पीटकर गंदी राजनीति कर रहे है. विरोधियों ने पहले उस्मानाबाद उपकेन्द्र के विकास के लिए गठित की गई समिति के लिए जारी किए गए जीआर का अभ्यास करें.

1 लाख 16 हजार छात्र देंगे अंतिम वर्ष की परीक्षा

एक सवाल के जवाब में राज्य के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने बताया कि डॉ. बाबासाहब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय द्वारा ली जानेवाली ऑनलाइन परीक्षा में 1 लाख 16 हजार छात्र हिस्सा लेंगे. इसमें 36 हजार 208 छात्र एटीकेटी के है. उन्होंने बताया कि कुल परीक्षा देनेवाले छात्रों में से 90 प्रतिशत छात्र ऑनलाइन परीक्षा में हिस्सा लेंगे. जबकि, 10 प्रतिशत छात्र अपने घरों के निकट स्थित सेंटरों पहुंचकर ऑफलाइन परीक्षा देंगे. कुछ स्थानों पर परीक्षाएं लेने में दिक्कतें आई तो उन छात्रों की परीक्षा एक माह के अंदर फिर ली जाएगी.

जनवरी से शुरू होगा पैठण का संतपीठ

जिले के पैठण में जगदगुरु संत एकनाथ महाराज संतपीठ की इमारत तैयार है. जनवरी 2021 से यह संतपीठ राज्य सरकार और विश्वविद्यालय की ओर से शुरु किया जाएगा. उसके लिए एक माह में जीआर निकाला जाएगा. संतपीठ शुरु करने पर 22 करोड़ खर्च होंगे. आरंभ में यह खर्च विश्वविद्यालय करेगा. उसके बाद वह रकम सरकार विश्वविद्यालय को अदा करेगी. अंत में उन्होंने उनके राज्य के दौरे के दरमियान कुछ संगठनाओं के पदाधिकारियों द्वारा  किए जा रहे आंदोलन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि निर्णय कुछ मामलों में हो जाते है. ईमानदारी से काम करनेवाले लोगों का श्रेय उन संगठनाओं ने लेने का प्रयास नहीं करना चाहिए. लिए हुए निर्णयों की मांग करने का प्रकार संगठनाओं द्वारा जारी है. उनके ज्ञापन देने से  पूर्व काम हो चुका होता है. ज्ञापन के बिना मैं निर्णय लेता हूं, यह बात कुछ लोगों को खटकती है. वहीं लोग 4-5 गुंडों को सड़क पर डंडे लेकर उतारकर हमला करने के उददेश्य से सामने आते है. इस बारे में मैं जल्द ही राज्य  के गृहमंत्री अनिल देशमुख को पत्र सौंप रहा हूं. इस बारे में जांच करने की मांग मैं गृहमंत्री से करुंगा. पत्रकार परिषद में राज्य के फल उत्पादन मंत्री संदिपान भूमरे, विधायक अंबादास दानवे, बामू विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. प्रमोद येवले उपस्थित थे.