MIDC Waluj Police Station

    औरंगाबाद. शहर के एमआईडीसी वालूज थाने (MIDC Waluj Police Station) में कार्यरत पुलिस कांस्टेबल (Police Constable) को एण्टी करप्पशन ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) ने 60 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी के इस कार्रवाई से रिश्वत खोर पुलिस कर्मियों और अधिकारियों में खलबली मची है। एसीबी के जाल में फंसे पुलिस कांस्टेबल की पहचान गणेश ज्ञानेश्वर अंतरुप के रुप में की गई है। रिश्वतखोरी के इस मामले में कांस्टेबल के गिरफ्तारी के बाद एमआईडीसी थाना के वरिष्ठ अधिकारी भी शक के घेरे में है। एसीबी के सूत्रों ने बताया कि थाना के वरिष्ठ अधिकारियों की भी इस मामले में पूछताछ होगी। 

    एसीबी के पुलिस अधीक्षक डॉ. राहुल खाडे ने बताया कि शिकायतकर्ता के खिलाफ शहर के एमआईडीसी वालूज थाना में दाखिल शिकायत आवेदन पर कार्रवाई न करने को लेकर रिश्वतखोर कांस्टेबल गणेश अंतरप ने डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता और रिश्वतखोर के बीच हुई बातचीत में 60 हजार रुपए लेना-देना तय हुआ, लेकिन शिकायतकर्ता को रिश्वत देने की इच्छा न होने से उसने उसकी शिकायत एण्टी करप्पशन ब्यूरो में दी। शिकायत मिलने पर एसीबी के अधिकारियों ने जांच पड़ताल के बाद जाल बिछाया। इधर, शिकायत कर्ता ने आरोपी कांस्टेबल गणेश अंतरप को 60 हजार की रिश्वत देने फोन किया। तभी आरोपी ने एमआईडीसी वालूज थाना परिसर  में रिश्वत लेने बुलाया। जैसे ही शिकायतकर्ता आरोपी कांस्टेबल गणेश अंतरप को 60 हजार देने पहुंचा, तभी पहले से जाल बिछाए एसीबी के अधिकारियों ने आरोपी अंतरप को 60 हजार की रिश्वत लेते हुए  रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एसीबी के एसपी डॉ. राहुल खाडे, अपर पुलिस अधीक्षक मारुति पंडित, ब्रम्हदेव गावंडे के मार्गदर्शन में पीआई नंदेकिशोर  क्षीरसागर, पुलिस नाईक गंगाधर भाताने, अशोक नागरगोजे, सिपाही कपिल गाडेकर, चालक चांगदेव बागुल ने पूरी की। 

    वरिष्ठ अधिकारी भी शक के घेरे में 

    उधर, एक कांस्टेबल द्वारा डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांगकर 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए उसे  गिरफ्तार करने पर आश्चर्य जताया जा रहा है। एसीबी के सूत्रों ने बताया कि रिश्वतखोरी के इस मामले में एमआईडीसी वालूज थाने के आला अधिकारी भी शक के घेरे में है। सूत्रों ने बताया कि एक कांस्टेबल मामूली  शिकायत के आवेदन पर  अकेले 60 हजार की रिश्वत कैसे मांग सकता?। उसने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर ही इतनी बड़ी रकम की  रिश्वत मांगी होगी इसलिए एसीबी एमआईडीसी वालूज थाना के वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ करेगी।