फर्जी नोट चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश

  • 2 लाख 75 हजार 200 रुपए के नकली नोट जब्त

औरंगाबाद. शहर पुलिस आयुक्तालय के सिडको पुलिस ने मार्केट में फर्जी नोट (Fake Currency) चलाने वाले तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनसे 2 लाख 85 हजार 200 रुपए के नकली नोट (Fake note) व नोट छपाई का साहित्य जब्त किया है. पुलिस ने गिरफ्तार किए आरोपी की पहचान 32 वर्षीय संदीप श्रीमंत आरखडे निवासी पैठण रोड, 29 वर्षीय निखिल बाबासाहाब संभेराव निवासी पहाडसिंग पुरा तथा बीड़ जिले के धारुर निवासी आकाश संपत्ति माने के रूप में की है.

मुखबिर ने दी थी सूचना

सिडको थाना के पीआई अशोक गिरी ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि शहर के टीवी सेंटर के इंदिरा गांधी मार्केट में फर्जी नोट चलाने के लिए एक व्यक्ति बाइक पर सवार होकर आ रहा है. इसी जानकारी के आधार पर पीआई गिरी के मार्गदर्शन में पीएसआई बालासाहाब आहेर, हवालदार नरसिंग पवार, सुभाष शेवाले, विजयानंद गवली, प्रकाश डोंगरे, विशाल सोनवने, सुरेश भिसे, गणेश नागरे, स्वप्रिल रत्नपारखी तथा लाल खां पठान ने उस परिसर में जाल बिछाया. तभी बाइक पर सवार होकर पहुंचे संदीप आरखडे तथा  निखिल संभेराव को पुलिस ने संदिग्ध के रूप में कब्जे में लेकर पूछताछ की.

उनकी तलाशी लेने पर उनके पास 100 रुपए के 47 नकली नोट, 200 रुपए के 419 तथा 2 हजार के नकली नोट प्राप्त हुए. 100 तथा 200 रुपए के कई नोटों पर क्रमांक एक जैसे ही था. पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ करने पर उन्होंने नकली नोट की बात कबूलते हुए बताया कि उन्होंने यह नोट बीड जिले के धारुर निवासी अपने मित्र आकाश माने से ली है. पुलिस ने इस जानकारी पर आकाश माने को धारुर पहुंचकर गिरफ्तार किया.

ग्राहक सेवा केन्द्र का संचालक है प्रमुख आरोपी

पीआई गिरी ने बताया कि बीड जिले के धारुर शहर के हनुमान चौक निवासी आरोपी आकाश माने के ग्राहक सेवा केन्द्र पर बुधवार की सुबह पुलिस ने छापा मारा. इस कार्रवाई में 200 रुपए के कई नकली नोट मिले. पुलिस ने ग्राहक सेवा केन्द्र से नकली नोट छापने की मशिन व अन्य साहित्य जब्त किया. आकाश के ग्राहक सेवा केन्द्र से पुलिस ने फर्जी करेंसी, छपाई प्रिंटर व कम्प्यूटर कब्जे में लेकर उसे औरंगाबाद ले आए. पीआई गिरी ने बताया कि आरोपी 20 हजार रुपए लेकर नकली 1 लाख रुपए के नोट थमाता था. गत तीन माह से उसने यह गोरखधंधा शुरु किया था. आरोपी ने अब तक किन किन लोगों को फर्जी नोट दिए, इसकी जांच में पुलिस जूटी है.

व्यवसाय ठप होने के बाद चुना अपराध का रास्ता

आरोपी आकाश माने बीड जिले के धारुर में ग्राहक सेवा केन्द्र चलाता है. पुलिस को पूछताछ में उसने बताया कि लॉकडाउन काल में उसका व्यवसाय पूरी तरह चौपट हो चुका था. इसलिए उसने नकली नोट छापने का गोरखधंधा शुरु किया. पीआई गिरी ने बताया कि इस गोरखधंधे में लिप्त आरोपी संदीप आरगडे यह एसटी महामंडल के शिवनेरी बस का चालक है. जबकि अन्य एक आरोपी संभेराव यह कमिशन तत्व पर विविध फायनान्स कंपनियों की ओर से नागरिकों को कर्ज दिलाने का काम करता है. पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने पर न्यायालय ने उन्हें पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है.