करों की राशि के रूप मिले सवा तीन करोड़ के चेक बाउंस

औरंगाबाद. मनपा प्रशासन द्वारा करों की राशि वसूलने हेतु बकायदारों पर दबाव डालने पर नागरिक अधिकारियों के तकलीफों से बचने चेक थमा देते। प्रशासन द्वारा उन चेकों को बैंक में डिपॉजिट करने पर उसमें बड़ी संख्या में चेक बाउंस होने के मामले सामने आ रहे है। बीते कुछ माह में करीब सवा तीन करोड़ रुपए के चेक बाउंस हुए है। चेक बाउंस पर तीन माह में कार्यवाही होनी चाहिए। परंतु, प्रशासन के लापरवाही से चेक बाउंस  (Check bounce) मामले में देरी से कार्यवाही हो रही है। चेक बाउंस मामले में तत्काल कार्यवाही करने के लिए प्रशासन ने विशेष वकील के.डी. पांडे की नियुक्ति की है।

बता दें कि शहर के लाखों नागरिकों की ओर बीते 10 से 15 सालों की 300 करोड़ से अधिक की राशि बकाया है। बकाया राशि वसूलने के लिए मनपा प्रशासन द्वारा कई हथकंडे अपनाए गए। इसके बावजूद प्रशासन बड़े पैमाने पर बकाया वसूलने नाकाम रहा। इसी दरमियान मनपा अधिकारियों ने बकायादारों पर करों की बकाया राशि वसूलने भरपूर दबाव डाला। मनपा अधिकारियों के दबाव से छुटकारा पाने कई संपत्ति धारकों ने प्रशासन को चेक थमाए। बीते कुछ माह में सवा तीन करोड़ के चेक बाउंस हुए हैं। मनपा प्रशासन द्वारा चेक बाउंस धारकों पर तीन माह में कार्यवाही अपेक्षित है। परंतु प्रशासन के कछुए के गति से जारी काम की कार्रवाई से जिन 303 संपत्ति धारकों के चेक बाउंस हुए है, उन पर प्रशासन आज तक कार्यवाही नहीं कर पाया।

उपायुक्त अपर्णा थेटे का वसूली पर जोर

तीन माह पूर्व मनपा प्रशासक आस्तिक कुमार पांडेय (Administrator Aastik Kumar Pandey) ने उपायुक्त अपर्णा थेटे को कर निर्धारक व संकलक का पदभार सौंपा। पदभार मिलते ही मनपा की खाली पड़ी तिजोरी भरने के लिए उपायुक्त अपर्णा थेटे ने अधिकारियों के साथ बैठके लेकर उन्हें वसूली पर विशेष लक्ष्य केन्द्रित करने के आदेश दिए। अपर्णा थेटे ने बताया कि नियमानुसार चेक बाउंस होने पर तीन माह में कार्रवाई होना जरूरी है। लेकिन, चेक बाउंस हुए चेक की रिपोर्ट आने में काफी समय लग रहा था, इसलिए प्रशासन ने चेक बाउंस धारकों पर तत्काल कार्यवाही करने एड. के.डी. पांडे की नियुक्ति की है। पांडे के पास ऐसे मामले सीधे वार्ड कार्यालय से पहुंचेंगे, जिससे चेक बाउंस धारकों पर तत्काल कार्यवाही होगी।