सिटी बस सेवा को एक साल में हुआ पौने आठ करोड़ का घाटा

  • घाटा कर करने में जुटा प्रशासन

औरंगाबाद. स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत शुरू किए गए सिटी बस को पिछले एक साल में करीब 7 करोड़ 87 लाख रुपए का घाटा हुआ है. शहर बस के लिए 5 साल का निधि आरक्षित रखने के बावजूद घाटा कम करने के लिए अब उपाय योजनाएं शुरु की गई है.

2018 में शुरू की गई थी बस सेवा

शहर में स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पाेरेशन के माध्यम से 26 जनवरी 2018 को औरंगाबाद में शहर बस सेवा आरंभ की गई थी. शहर के यात्रियों को आकर्षित करने के लिए टिकट के दाम काफी कम रखे गए थे. जिससे शहर बस का घाटा बढ़ता गया. पिछले एक साल में 7 करोड़ 87 लाख रुपए का नुकसान होने की जानकारी स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन के संचालक मंडल की हुई बैठक में सामने आयी. घाटे के बावजूद शहर के यात्रियों को आकर्षित करने के लिए टिकट के दाम स्थिर रखने का निर्णय लेकर घाटा अन्य मार्ग से भरकर निकालने पर तय किया गया.

स्मार्ट कार्ड योजना भी चलाई गई

उसके अनुसार यात्री और छात्रों के लिए अब स्मार्ट कार्ड की योजना चलायी जाएगी. स्मार्ट कार्ड पर टॉप अप रिजार्च किया जा सकता. कंडक्टर को एंड्राईंड बेस्ड मशीन टिकट के लिए दी जाएगी. जिससे सिर्फ 3 सेकंड में टिकट मिलेगा. इस मशीन में कार्ड पेमेंट करने की भी सुविधा उपलब्ध है. इस मशीन का प्रशिक्षण कंडक्टरों को सोमवार को दिया गया. उधर, स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट के सूत्रों ने बताया कि औरंगाबाद शहर बस के टिकट के दाम का प्रमाण सबसे कम है. यहां टिकट दाम का प्रमाण 53 प्रतिशत है. एसटी महामंडल के टिकट प्रमाण 63 प्रतिशत तथा नागपुर शहर बस के टिकट का प्रमाण 77 प्रतिशत है. डिजल के दाम बढ़ते गए, लेकिन सिटी बस सेवा के टिकट के दाम बढ़ाए नहीं गए.