कोरोना : औरंगाबाद मनपा के टास्क फोर्स ने बढ़ाया काम का दायरा

– स्वास्थ्य केन्द्रानुसार नियुक्त किए गए टास्क फोर्स सदस्य  

औरंगाबाद. शहर में हर दिन कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. संक्रमित मरीज के संपर्क में आए करीब 15 निकटवर्तियों के स्वैब लेने के निर्देश मनपा प्रशासक आस्तिककुमार पांडेय ने दिए हुए है. जिससे मनपा द्वारा कोरोना को लेकर गठित टास्क फोर्स के काम का दायरा बढ़ा है. शहर के हर इलाके में आए दिन संक्रमित मरीज बड़ी संख्या में पाए जाने के बाद टास्क फोर्स में और 25 नए युवकों की भर्ती की गई है.

उन युवकों पर मनपा के शहर में स्थित 39 स्वास्थ्य केन्द्रानुसार संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटाइन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसके चलते कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे संक्रमित के संपर्क में आए लोग तत्काल मनपा के कोविड  सेंटर में क्वारंटाइन हो रहे है. टास्क फोर्स द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों से कोरोना संक्रमितों की संख्या घटने के आसार है.

टास्क फोर्स गठित करनेवाली पहली मनपा

ध्यान रहे कि कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटाइन करने के लिए टास्क फोर्स का गठन करनेवाली औरंगाबाद मनपा देश में प्रथम मनपा है. मनपा टास्क फोर्स की प्रमुख अपर्णा थेटे  ने नवभारत को बताया कि आए दिन शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. टास्क फोर्स की टीम में सदस्य कम होने से संक्रमित मरीज के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटाइन करने में काफी समय गुजर रहा था. हाई रिस्क वाले पेशेंट के संपर्क में आए लोगों को तत्काल क्वारंटाइन करने के लिए टास्क फोर्स में 25 नए युवा सदस्यों की नियुक्ति की गई. उनके हेड के रुप में मनपा के 9 जोन वाईज एक-एक जोनल अधिकारी की नियुक्ति कर उन्हें टीम हेड बनाया गया. वर्तमान में टास्क फोर्स में 40 सदस्यों की टीम कार्यरत है. इन टीमों को सहकार्य करने के लिए दो पुलिस कर्मचारी भी तैनात है.

संक्रमितों के संपर्क में आनेवालों को किया जा रहा क्वारंटाइन

टास्क फोर्स की प्रमुख अपर्णा थेटे ने बताया कि मनपा के शहर में स्थित 39 स्वास्थ्य सेंटर पर टास्क फोर्स में नियुक्त किए गए युवा सदस्य सुबह 9 बजे पहुंचकर अपने अपने  क्षेत्र में संक्रमित पाए गए मरीजों की विस्तृत जानकारी हासिल कर उनके संपर्क में आए संदिग्धों को क्वारंटाइन करने के काम में जूटे है. टास्क फोर्स में पहले सिर्फ 15 सदस्य कार्यरत थे, अब यह संख्या 40 पर पहुंचने से क्वारंटाईन करने के काम में तेजी आयी है. थेटे ने बताया कि पहले इस काम के लिए हम आशा वर्कर की मदद ले रहे थे. लेकिन, उन्हें कई स्थानों पर विरोध होने से टास्क फोर्स की प्रमुख के नाते मैंने प्रशासक आस्तिककुमार पांडेय से चर्चा कर नए 25 सदस्यों की नियुक्ति की है. संक्रमित मरीजों की संख्या आए दिन बढऩे से उनके संपर्क में आए लोगों को क्वारंटाईन करने में कई समय बरबाद हो रहा था, लेकिन अब क्वारंटाइन करने का कार्य तत्काल हो रहा है. एक सवाल के जवाब में थेटे ने बताया कि होम क्वारंटाईन करने का सिलसिला लगभग बंद कर दिया गया है. मनपा प्रशासक आस्तिककुमार पांडेय के परमिशन के बिना हम किसी को भी होम क्वारंटाइन करने के लिए इजाजत नहीं दे रहे है.

स्वैब टेस्ट करानेवाले भी क्वारंटाइन

थेटे ने बताया कि शहर के कई डॉक्टरों के रेफ्ररन्स से कोविड सेंटर पर कई संदिग्ध लोग स्वैब देने पहुंच रहे है. पहले रिपोर्ट आने तक उन्हें क्वारंटाइन नहीं किया जाता था. लेकिन, अब स्वैब लेते ही उस संदिग्ध को तत्काल क्वारंटाईन किया जा रहा है. इसका मुख्य कारण वह व्यक्ति रिपोर्ट आने तक किसी के संपर्क में ना आए, बल्कि कई संदिग्धों के घर मोबाइल वैन भेजकर हम स्वैब ले रहे है. वहीं, जिन संदिग्धों की रिपोर्ट पॉजिटिव पायी जा रही हैं, उन्हें भी तत्काल क्वारंटाईन करने का सिलसिला जारी है.

अब तक साढ़े 5 हजार लोग क्वारंटाइन

मनपा टास्क फोर्स की प्रमुख अपर्णा थेटे ने बताया कि टास्क फोर्स के प्रमुख के नाते मेरी नियुक्ति 23 अप्रैल को गई थी. तब अचानक शहर में कोरोना संक्रमित बड़ी  संख्या में पाए जा रहे थे. पहले एक सप्ताह में ही हमने 1200 लोगों को क्वारंटाईन किया था. मई व जून में हमने 4 हजार से अधिक संदिग्धों को क्वारंटाईन किया है. थेटे ने बताया कि बीते 2 माह से वह दिन-रात काम में जूटी है. मंगलवार को 380 लोगों को क्वारंटाईन किया गया. मुझे इस कार्य के लिए मनपा प्रशासक आस्तिककुमार पांडेय, मनपा की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीता पाडलकर तथा शहर अभियंता सखाराम पानझडे का बेहतर सहयोग मिल रहा है.