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    औरंगाबाद. गत वर्ष मार्च माह में कोरोना महामारी  (Corona Epidemic) प्रकोप ने पूरे देश में पांव पसारने के बाद औरंगाबाद (Aurangabad) में भी इसका कहर बरप रहा था, परंतु मनपा प्रशासक आस्तिक कुमार पांडेय (Astik Kumar Pandey) द्वारा अपनाए गए अलग-अलग हथकंडों से अगस्त एंड तक उस पर काबू पा लिया गया था। इस वर्ष फरवरी माह में फिर एक बार महामारी की दूसरी लहर ने पांव पसारने के बाद मनपा प्रशासक आस्तिक कुमार पांडेय ने गत वर्ष का अनुभव तथा हर दिन नए प्लानिंग (New Planning) के साथ काम किया। जिसके चलते औरंगाबाद शहर में तेजी से संक्रमितों की संख्या में गिरावट आयी है। बुधवार को शहर में सिर्फ 99 संक्रमित पाए जाने से  शहरवासियों ने राहत की सांस ली है। प्रशासक पांडेय द्वारा बीते तीन माह में महामारी के दूसरी लहर पर काबू पाने के लिए नियोजन बध्द तरीके से किए गए कार्य से शहर कोरोना महामारी से मुक्त होने के कगार पर है। वहीं, कोरोना महामारी की तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है। उसको लेकर भी प्रशासक पांडेय ने नियोजन शुरु कर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट किया है।

    प्रशासक पांडेय ने गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी शहर से जुड़नेवाले 6 इंट्री पॉइंट पर अन्य शहरों से आनेवाले हर व्यक्ति की एंटीजन टेस्ट का सिलसिला जारी रखा। इसके अलावा शहर के प्रमुख 5  सरकारी कार्यालय, जिनमें मनपा मुख्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय, पुलिस आयुक्त, विभागीय आयुक्त कार्यालय, हाईकोर्ट में प्रवेश लेनेवाले हर नागरिक की एंटीजन टेस्ट किया गया। साथ ही रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट के अलावा शहर में बिना वजह घूमनेवाले लोगों की एंटीजन टेस्टिंग जारी रखी।

    हर दिन 5 हजार से अधिक नागरिकों की टेस्टिंग 

    प्रशासन द्वारा हर दिन 5 हजार से अधिक नागरिकों की टेस्टिंग जारी रखने से शहर में संक्रमित हुए मरीज तत्काल सामने आए। गत वर्ष मार्च माह में कोरोना की प्रथम लहर ने पांव पसारने के बाद शहर में हर दिन 300 से 400 के भीतर संक्रमित मरीज पाए जा रहे थे, परंतु दूसरी लहर ने फरवरी माह में  पांव पसारने के बाद मार्च और अप्रैल माह में हर दिन शहर में 1 हजार से अधिक संक्रमित पाए जा रहे थे। इससे न घबराते हुए मनपा प्रशासक आस्तिक कुमार पांडेय ने और अधिक गंभीरता से महामारी पर काबू पाने का नियोजन किया। उसके लिए उन्होंने संक्रमितों पर तत्काल बेहतर इलाज करने, अधिक संख्या में कोविड केयर सेंटर शुरु किए। उनके द्वारा शुरु किए गए ‘मेरा स्वास्थ्य, मेरी जिम्मेदारी’ एप का भी शहर के हजारों नागरिकों ने लाभ उठाकर अपने आपको संक्रमण से बचाया। 

    मनपा अधिकारी भी कर रहे दिन-रात काम 

    प्रशासक पांडेय के साथ अतिरिक्त आयुक्त बी.बी.  नेमाने, अतिरिक्त आयुक्त रविन्द्र निकम, शहर अभियंता सखाराम पानझडे, मनपा की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीता पाडलकर, उपायुक्त अपर्णा थेटे, मेडिकल ऑफिसर बीडी राठोडकर के अलावा कई अधिकारियों ने कंधे से कंधा मिलाकर दिन-रात काम करते हुए शहर के कोविड केयर सेंटर में भर्ती संक्रमितों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई। विशेषकर किसी भी मरीज पर इलाज के दौरान दवाईयों की कमी ना हो, इस पर विशेष ध्यान केन्द्रीत किया। जरुरतमंद मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्जन भी समय पर उपलब्ध कराए गए। शहर के मेल्ट्रान, एमजीएम तथा बजाज अस्पताल में 24 घंटे कोविड टेस्टिंग जारी रखी। टेस्टिंग पर अधिक जोर देने से ही शहर में दूसरी लहर पर काबू पाना आसान हुआ। कोरोना टेस्टिंग के लिए शहर में 50 टीमें प्रशासक पांडेय ने तैनात की थी। बीते 5 सालों से मनपा की आर्थिक स्थिति कमजोर है। वर्तमान में मनपा की तिजोरी खाली पड़ी हुई है। इसके बावजूद मनपा प्रशासक पांडेय ने कोरोना संक्रमितों को सेवा देते समय किसी भी प्रकार की कमी न होने देते हुए उन्हें समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई। प्रशासक पांडेय के बेहतर नियोजन के कारण ही शहर में बीते एक पखवाडे से संक्रमितों की संख्या में तेजी से गिरावट आ रही है। पांडेय द्वारा कोरोनाकाल में औरंगाबाद वासियों के लिए नियोजन बध्द तरीके से किए कार्यों के चलते आज शहर कोरोना की दूसरी लहर से मुक्त होने के कगार पर पहुंचा है। गत वर्ष उनके द्वारा कोविड काल में किए गए कार्यों को देश स्तर पर सराहा गया था। 

    तीसरी लहर के लिए भी मनपा प्रशासन अलर्ट 

    कोरोना महामारी की जारी दूसरी लहर के बाद आगामी सितंबर माह में तीसरी लहर आने की आशंका स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जतायी है। तीसरी लहर में बच्चे अधिक प्रभावित होने के आसार हैं। तीसरी लहर आने की आशंका के बीच मनपा प्रशासक पांडेय ने बच्चों पर तत्काल इलाज के लिए नियोजन करना शुरु किया है। उसके लिए उन्होंने गरवारे स्टेडियम पर बच्चों के लिए विशेष कोविड केयर सेंटर शुरु करने का काम हाथ में लिया है। इसके अलावा एमजीएम में भी बच्चों पर इलाज के लिए विशेष कोविड केयर सेंटर स्थापित करने का काम जारी है। साथ ही गरवारे कंपनी द्वारा शुरु किए जा रहे कोविड केयर सेंटर में बच्चों पर इलाज के लिए कुछ बेड आरक्षित रखने को लेकर प्लानिंग पांडेय के निर्देश पर कंपनी द्वारा जारी है।