DYSP and PI beating BJP officials should be suspended, Darekar demands

    औरंगाबाद. जालना (Jalna) के भाजपा (BJP) पदाधिकारी शिवराज नारीयलवाले को पिटनेवाले पीएसआई  सहित अन्य कर्मचारियों को निलंबित किया गया। नारीयलवाले को पिटने में डीवाईएसपी सुधीर खिरवडकर तथा पीआई प्रशांत महाजन भी शामिल है। उन्हें तत्काल निलंबित (Suspended) कर उन पर फौजदारी अपराध दर्ज करने  की मांग विधान परिषद के विरोधी पक्ष नेता प्रवीण दरेकर (Praveen Darekar) ने स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों के साथ औरंगाबाद रिजन के विशेष पुलिस महानिरीक्षक के.के. प्रसन्ना  से मुलाकात कर  एक ज्ञापन देकर की।

    गौरतलब है कि 9 अप्रैल को जालना के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हुई थी। उसके बाद अस्पताल में हुए हंगामे से गुस्साएं पुलिस अधिकारियों ने एक विशेष समाज को अपशब्द कहे थे। पुलिस द्वारा अपशब्द कहने की शुटिंग भाजपा युवा मोर्चा के महासचिव शिवराज नारीयलवाले ने की थी। इससे गुस्साएं जालना के 8 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने  नारीयलवाले को डंडों  से खूब  पिटा था। 

    वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    इस घटना का वीडियो करीब 50 दिन बाद  शुक्रवार का सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भाजपाईयों में जालना पुलिस के खिलाफ खूब रोष फैला। राज्य के विरोधी पक्ष नेता देवेन्द्र फडणवीस से राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) को पत्र लिखकर नारीयलवाले की  पिटाई करनेवाले पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की थी। फडणवीस की मांग पर पिटाई में शामिल पीएसआई व उनके मातहत काम करनेवाले कर्मचारियों को  जालना के एसपी विनायक देशमुख ने निलंबित किया, लेकिन भाजपा पदाधिकारी को पिटने में शामिल डीवाईएसपी सुधीर खरवडकर तथा पीआई महाजन को निलंबित न किए जाने से गुस्साएं विधान परिषद के विरोधी पक्ष नेता प्रवीण दरेकर ने शनिवार शाम औरंगाबाद पहुंचकर औरंगाबाद रेंज के विशेष पुलिस महानिरीक्षक के.के. प्रसन्ना से मुलाकात की।

    कुछ अधिकारियों को बख्शा जा रहा : दरेकर

     दरेकर ने कहा कि हमें पुलिस दल का काफी आदर है, लेकिन वर्दी के आड में जालना पुलिस ने गुंडागर्दी करते हुए भाजपा पदाधिकारी जो पिटाई की, उस मामले में कुछ अधिकारियों को बख्शा जा रहा है। मामले को गंभीरता को देखकर तत्काल डीवाईएसपी सुधीर खिरवडकर तथा पुलिस निरीक्षक प्रशांत महाजन को निलंबित कर उन पर फौजदारी मामला दर्ज करने की मांग दरेकर ने की। उन्होंने इस मामले में शामिल 8 में से सिर्फ 4 पुलिस वालों को निलंबित करने पर आश्चर्य जताया। ज्ञापन देते समय विधायक अतुल सावे, शहराध्यक्ष संजय केणेकर,समीर राजूरकर आदि उपस्थित थे।