मराठवाडा में बिजली बिल की बकाया राशि 3 हजार 222 करोड़

  • बिजली बिल वसूली के लिए महावितरण की वसूली मुहिम

औरंगाबाद. मराठवाडा के बिजली ग्राहक बिजली बिल की राशि भरने में पहले से अनदेखी करते है. इसी दरमियान कोरोना संकट के चलते जारी किए गए लॉकडाउन के बाद अधिकतर ग्राहकों ने बिजली बिल भरने के लिए और अनदेखी करना शुरु किया है. यहीं कारण हैं कि औरंगाबाद, लातूर और नांदेड परिमंडल के घरेलू, व्यापारी, औद्योगिक, सार्वजनिक पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाईट और अन्य बिजली ग्राहकों की ओर अगस्त माह के एंड तक बिजली बिल की बकाया राशि 3 हजार 222 करोड़ पर पहुंची.बकाया बिल की राशि वसूलने के लिए महावितरण ने ग्राहकों को विनंती करते हुए वसूली मुहिम शुरु की है.

ग्राहकों से साधा जा रहा संपर्क

महावितरण के औरंगाबाद प्रादेशिक कार्यालय के उपमुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुनील जाधव ने बताया कि जिन ग्राहकों की ओर बिजली बिल की राशि बकाया है, उन ग्राहकों से फोन, एसएमएस, ई-मेल और पत्र व्यवहार कर संपर्क साधा जा रहा है. बिजली ग्राहकों को बकाया बिजली बिल सहित चालू बिजली बिल भरने की विनंती महावितरण द्वारा की जा रही है.

बिल न भरने से बिजली खरीदना होगा मुश्किल

उन्होंने बताया कि महावितरण कंपनी यह महानिर्मिती कंपनी सहित निजी बिजली निर्मिती कंपनी की ओर से बिजली खरीदती है. यह बिजली महापारेषण कंपनी की ओर से महावितरण के 33 केवी उपकेन्द्र तक पहुंचायी जाती. उसके बाद महावितरण कंपनी  ग्राहकों को बिजली आपूर्ति करती है. बिजली खरीदने और उसके वहन का खर्च की रकम कंपनियों को हर माह अदा करना पड़ता है. बिजली ग्राहकों ने इस्तेमाल की बिजली के पैसे हर माह महावितरण की ओर से न भरने पर बिजली खरीदना मुश्किल होता है. ऐसी  परिस्थति में महावितरण को अपना आर्थिक लेन-देन करना मुश्किल होता है.

मार्च माह से घटी भुगतान करनेवाले ग्राहकों की संख्या

उपमुख्य जनसंपर्क अधिकारी जाधव ने बताया कि मार्च माह में लॉकडाउन जारी होने के बाद बिजली बिल भरनेवाले ग्राहकों की संख्या में बड़े पैमाने पर गिरावट आयी है. महावितरण ने ग्राहकों को राहत देते हुए बिजली बिल की बकाया रकम चरणों में अदा करने की सहूलियत दी. साथ ही लॉकडाउन काल में बिजली बिल की एक साथ रकम भरने पर ग्राहकों को 2 प्रतिशत छूट भी दी जा रही है. अंत में जाधव ने बताया कि इतनी बड़ी राशि बिजली बिल के रुप में बकाया होने के बावजूद लॉकडाउन से परेशान ग्राहकों की बिजली आपूर्ति खंडित न  करते हुए बिजली बिल भरने के लिए विनंती का सिलसिला जारी है.