No irregularities in the smart city, Commissioner Munde revealed

औरंगाबाद. केन्द्र सरकार द्वारा शहरों को विकसित करने के लिए हाथ में लिए स्मार्ट सिटी योजना के कामों को गति देने के लिए सरकार ने औरंगाबाद स्मार्ट सिटी योजना को हाल ही में 49 करोड़ का निधि जारी किया. 

उसके घनकचरा व्यवस्थापन के लिए 15 करोड़ 75 लाख रुपए और हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए 16 करोड़ का निधि उपलब्ध कराया है. बीते कुछ सालों से आर्थिक संकटों का सामना कर रही औरंगाबाद मनपा को इस निधि से बड़े पैमाने पर आर्थिक राहत मिली है.

मनपा को 15 करोड़ 75 लाख रुपए राज्य सरकार ने दिए

गौरतलब है कि स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत औरंगाबाद शहर में 700 करोड़ के काम इन दिनों जारी है. यह काम औरंगाबाद स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट ने हाथ में लिए है. इसमें 300 से 350 करोड़ के काम वर्तमान में जारी है. इसमें केन्द्र सरकार ने स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोशन को 49 करोड़ का निधि दिया है. उसमें राज्य सरकार के हिस्से का निधि भी औरंगाबाद मनपा को जल्द प्राप्त होनेवाला है. इधर, 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत राज्य सरकार को 396 करोड 50 लाख रुपए का निधि प्राप्त हुआ है. इसमें औरंगाबाद मनपा को 15 करोड़ 75 लाख रुपए राज्य सरकार ने दिए है. ध्यान रहे कि ढाई वर्ष पूर्व शहर में कचरे के निराकरण की समस्या गंभीर हुई थी. कचरे की समस्या हल करने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार के 148 करोड़ के  अनुदान से मनपा ने तीन स्थानों पर डेढ सौ टन कचरे पर  प्रक्रिया करनेवाले प्रकल्प के काम हाथ में लिए है.

गीले कचरे से गैस तैयार करने के प्रकल्प का काम भी अंतिम स्तर पर 

साथ ही गीले कचरे से गैस तैयार करने के प्रकल्प का काम भी शहर के कांचनवाडी में अंतिम स्तर पर है. चिकलथाना में कचरे पर प्रक्रिया करने का प्रकल्प कार्यान्वित हो चुका है. पडेगांव के कचरा प्रकल्प का काम भी अंतिम स्तर पर है. इस काम के लिए सरकार से और 15 करोड़ का निधि प्राप्त हुआ है. उधर, शहर में  हवा का प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचा है. ऐसे में केन्द्र सरकार ने हवा में फैला प्रदूषण कम करने के लिए मनपा को 16 करोड़ का निधि उपलब्ध कराया है.