घाटी के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में जरुरी मैनपॉवर उपलब्ध कराए सरकार

  • विधायक चव्हाण की डिप्टी सीएम अजीत पवार से मांग 

औरंगाबाद. कोरोना महामारी के बीच औरंगाबाद के सरकारी घाटी अस्पताल में स्थित सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल में सरकार जरुरी मैनपॉवर उपलब्ब्ध कराए. यह मांग मराठवाडा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधायक सतीश चव्हाण ने राज्य के डिप्टी सीएम अजीत पवार और स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री अमित देशमुख को एक ज्ञापन भेजकर की. ज्ञापन में विधायक चव्हाण ने बताया कि शहर के सरकारी घाटी अस्पताल परिसर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण किया गया. 

करीब 100 कर्मचारियों की जरुरत 

कोरोना के बढ़ते कहर को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन ने यह इमारत कोरोना मरीजों के लिए खुली कर दी. इस स्थान पर 250 बेड है. जिसमें 218 बेड कोरोना मरीजों पर इलाज के लिए उपलब्ध कराए गए. इन 218 बेड के लिए सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल में वर्तमान में ठेका पध्दति से 45 क्लास फोर कर्मचारी, 110 नर्स, 36 निवासी डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है. यहां और करीब 100 कर्मचारियों की जरुरत है. विशेषकर, हॉस्पिटल के लिए जरुरी विविध पदों को  ठेका पध्दति पर भरे जाने से यह कर्मचारी कितने दिन काम करेंगे, यह कहना मुश्किल है. इस स्थान पर 50 आयसीयु बेड की व्यवस्था भी उपलब्ध करायी गयी है. लेकिन, मैनपॉवर की कमी के चलते 28 बेड ही मरीजों की सेवा में है. एक तरफ शहर के  निजी अस्पताल के आयसीयु बेड फुल होने से घाटी में मराठवाडा सहित खानदेश, विदर्भ से कोरोना  पीडित मरीज इलाज के लिए भर्ती हो रहे है. घाटी के सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल में 21 आयसीयु बेड बाकी होने के बावजूद मैनपॉवर की कमी के चलते मरीजों पर इलाज करना मुश्किल हो रहा है. 

घाटी अस्पताल में कई पद रिक्त

विधायक चव्हाण ने बताया कि वर्तमान में घाटी अस्पताल में नर्सेस की 180, क्लास फोर के कर्मचारियों के करीब 300 पद रिक्त है. इन पदों को भरने पर घाटी प्रशासन के सामने निर्माण हुआ मैनपॉवर का प्रश्न हल होगा. औरंगाबाद में कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखकर सरकार ने जल्द से जल्द घाटी के सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल में जरुरी मैनपॉवर उपलब्ध कराकर देने के लिए संबंधितों के साथ बैठक लेकर यह प्रश्न हल करने की मांग विधायक चव्हाण ने डिप्टी सीएम अजीत पवार और स्वास्थ्य मंत्री अमित देशमुख को भेजे ज्ञापन में की.