छोटे सहकारी बैंक-पंतसंस्था के कर्जदारों की बकाया रकम माफ करें सरकार

– सहकार रत्न अंबादास मानकापे पाटिल की मांग

औरंगाबाद. कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए लॉकडाउन के चलते मराठवाड़ा के छोटे सहकारी बैंक तथा सहकारी पतसंस्था आर्थिक अड़चनों से गुजर रही है. ऐसे में सरकार ने सभी छोटी सहकारी बैंक तथा सहकारी पंतसंस्था के कर्जदारों की बकाया रकम माफ कर यह रकम सहकारी बैंक तथा पंतसंस्थाओं को देने की मांग मराठवाड़ा विभाग सहकारी पंतसंस्था के सहकारी संघ के अध्यक्ष तथा सहकार रत्न अंबादासराव मानकापे पाटिल ने मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे तथा सहकार मंत्री बालासाहब थोरात को एक ज्ञापन भेजकर की है.

पंतसंस्थाओं की कर्ज वसूली ठप

ज्ञापन में मानकापे पाटिल ने बताया कि 22 मार्च से शुरु हुए लॉकडाउन के बाद सहकारी बैंक तथा पंतसंस्थाओं की कर्ज वसूली ठप है. रिजर्व बैंक ने राष्ट्रीय कृत बैंक के कर्ज के हफ्ते भरने के लिए समय-समय पर समयावधि बढ़ाकर देने से सहकारी बैंक तथा सहकारी पंतसंस्था के कर्जदारों ने अपने कर्ज की किस्त भरना बंद कर दिया है. लॉकडाउन के चलते कर्ज वसूली अधिकारी कर्ज की बकाया राशि वसूल नहीं कर पा रहे है. छोटे सहकारी बैंक तथा सहकारी पंतसंस्था लोगों ने जमा की राशि पर चलते है. ऐसे में छोटे बैंकों व पंतसंस्थाओं को पैसा जमा करनेवाले जमाकर्ताओं की रकम लौटाने में दिक्कतें आ रही है. 

पंतसंस्थाएं बंद होने के कगार पर

जमाकर्ताओं को समय पर  उनकी  राशि वापस न लौटाने पर छोटे बैंक व पंतसंस्थाओं पर फौजदारी मामले दर्ज हो सकते है. इन सारे संकटों के चलते छोटे बैंक तथा पंतसंस्थाएं बंद होने के कगार पर है. जिससे जमाकर्ता व सहकारी  बैकों का भी बड़े पैमाने पर नुकसान होगा. ऐसे में सरकार ने सहकारी बैंक व पंतसंस्थाओं की आर्थिक अड़चनों को जानकर उन्हें संकट से बाहर निकालने के लिए इन संस्थाओं द्वारा कर्ज आपूर्ति की गई आम वर्ग के कर्जदार की ओर बकाया रकम माफ करना तथा यह रकम सरकार ने सहकारी बैंक व पंतसंस्थाओं को देने की मांग सहकार रत्न अंबादास मानकापे पाटिल ने सीएम ठाकरे से की.