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औरंगाबाद. राज्य के करीब 2 करोड़ 60 हजार ग्राहकों को अखंडित बिजली आपूर्ति व बेहतर सेवा देने के लिए  कोरोना के जानलेवा वायरस में भी महावितरण के कर्मचारी बिना आराम किए रात दिन काम कर रहे है. ऐसे में कोरोना वायरस के चपेट में आकर अपनी जान गंवाए महावितरण के कर्मचारी के वारिस को 30 लाख रुपए का सानुग्रह अनुदान देने का निर्णय महावितरण ने लिया है.

महावितरण के औरंगाबाद परिमंडल के जनसंपर्क अधिकारी ज्ञानेश्वर आर्दड ने बताया कि महावितरण में संचालन व मरम्मत के काम के लिए नियुक्त किए गए ठेका कर्मचारियों के अलावा महावितरण के विविध कार्यालय में कार्यरत सुरक्षा रक्षकों को भी 30 लाख रुपए का बीमा संरक्षण का निर्णय उर्जा विभाग ने लिया है.

ऊर्जा मंत्री ने भी की प्रशंसा

आर्दड ने बताया कि  राज्य के उर्जा मंत्री डॉ. नितिन राउत ने भी कोरोना के इस संकट में महावितरण के इंजीनियर, कर्मचारी व ठेका पध्दति पर लिए गए कर्मचारी समय समय पर बिजली आपूर्ति खंडित होने पर अपनी जान की परवाह किए बिना निभा रहे  कर्तव्य पर प्रशंसा की है. राज्य प्रशासन कोरोना को मात देने के लिए हर तरह के प्रयासों में जूटा है. कोरोना संकट में घर में ठहरकर ऑफिस कार्य करनेवाले बिजली ग्राहकों को महावितरण ने 24 घंटे अखंडित बिजली आपूर्ति कर बड़े पैमाने पर राहत दी है. इस दृष्टि से महावितरण के कर्मचारी भी कोरोना यौध्दा साबित हुए है. कर्मचारियों की सुरक्षा, उनके परिवार के भविष्य को गंभिरता से जानकर  उर्जा विभाग ने  यह  निर्णय लिया है.

तकनीकी व गैर तकनीकी प्रवर्ग के लिए लागू रहेगा सानुग्रह अनुदान

जनसंपर्क अधिकारी ज्ञानेश्वर आर्दड ने बताया कि  महावितरण के तकनीकी व अतकनीकी प्रवर्ग में कार्यरत सभी इंजीनियर, अधिकारी व कर्मचारियों को सानुग्रह अनुदान लागू रहेंगा.कर्मचारियों की मौत कोविड-19 विषाणु से होने का स्वास्थ्य प्रमाणपत्र यह सरकारी/ नगर पालिका / महानगर पालिका / आईसीएमआर पंजीकृत निजी अस्पताल/प्रयोग शाला से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर हो. सानुग्रह अनुदान अदा करने के लिए काम के उपस्थिति के बारे में नियम व शर्ते यह महाराष्ट्र सरकार के निर्णय के अनुसार रहेंगे. यह बात महावितरण के पीआरओ आर्दड ने स्पष्ट की है.