Home Minister Valse Patil

    औरंगाबाद. पुलिस थाना हो या फिर पुलिस विभाग (Police Department) के अधिकारियों का कार्यालय वहां आनेवाले हर व्यक्ति को शिष्टाचार और सम्मान के साथ व्यवहार करने के साथ ही सभी आला अधिकारियों को अपने कार्यालय में आम आदमी के लिए हमेशा उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह जानकारी राज्य के गृहमंत्री (State Home Minister) दिलीप वलसे पाटिल (Dilip Walse Patil) ने आज यहां दी। 

    सोमवार को शहर सहित औरंगाबाद परिक्षेत्र के कानून और सुव्यवस्था का जायजा लेने गृहमंत्री औरंगाबाद पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस आयुक्त कार्यालय में शहर और परिक्षेत्र के चार जिलों  के आला अधिकारियों के साथ करीब ढाई घंटे बैठक की।  बैठक के बाद आयोजित पत्रकार परिषद में गृहमंत्री पुलिस विभाग से संबंधित कई मुद्दों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जायजा बैठक में दाखिल होनेवाले अपराध, उसमें जांच होकर अपराध सिध्द करने का परिणाम और दोषियों को मिल रही सजा पर विस्तार से जायजा लिया गया। साईबर अपराध और आर्थिक धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर चर्चा कर इन मामलों के रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश आला अधिकारियों को दिए गए है। ईओडब्ल्यू की टीम हर जिले में कार्यरत है। उनसे बेहतर काम की अपेक्षा जताते हुए गृहमंत्री ने  परिक्षेत्र के कुछ जिलों में साईबर अपराधों को उजागर करने का प्रमाण काफी कम होने को लेकर  चिंता जताई।

    गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने कहा कि साईबर अपराधों पर रोकथाम के लिए अधिक लक्ष्य देने की जरुरत है। क्योंकि, सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं  की बदनामी, दो समुदाय में द्वेष फैलाना, गांव में संघर्ष निर्माण करने के कई मामले सामने आ रहे है।  इन अपराधों के रोकथाम के लिए  गृहमंत्रालय काफी गंभिर है।  इन अपराधों की जांच का दायरा बढ़ाकर इस मामलों को उजागर करने में अधिक तेजी लाने के लिए पुलिस अधिकारियों को तीन माह का समय दिया गया है।  तीन माह बाद मैं खुद इसकी समीक्षा करुंगा।  

    पहली बार ईडी द्वारा महाराष्ट्र में जारी हैं अधिक कार्रवाईयां 

    एक सवाल के जवाब में गृहमंत्री पाटिल ने कहा कि इससे पूर्व  केंद्रीय  प्रवर्तन  निदेशालय (ईडी) का इस्तेमाल इतने बड़े पैमाने पर महाराष्ट्र में कभी नहीं हुआ।  शायद इन दिनों ईडी के पास कोई ज्यादा काम नहीं हैं, इसलिए उस विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर महाराष्ट्र में कार्रवाईंयां की जा रही है।  ईडी द्वारा कार्रवाईयां होनी चाहिए।  गृहमंत्री वलसे पाटिल ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकारी   एजेंसियों का गलत इस्तेमाल भी नहीं होना चाहिए। 

    31 दिसंबर के पूर्व होगी पुलिस भरती 

    लंबे समय से महाराष्ट्र में पुलिस भरती को ब्रेक लगा हुआ है।  31 दिसंबर 2021 से पूर्व 5 हजार 200 पदों की भरती करने राज्य सरकार ने ठानी है।  इन पदों को भरे जाने के बाद और 7 हजार पदों की भरती की जाएगी।  उसके लिए भी राज्य सरकार ने मंजूरी दी है।  उसकी प्रक्रिया भी जारी है।  गृहमंत्री ने कहा कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यालय बेहतर हो, उसके लिए भी हर तरह की मदद सरकार द्वारा की जाएगी। पुलिस कर्मचारियों को आसानी से कर्ज मिले, इसको लेकर  भी सरकार मदद में जूटी है।  एक सवाल के जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि गांव से लेकर शहर तक पुलिस की छवि सुधरकर  आम आदमी को राहत मिले।  मराठा आरक्षण को लेकर किए गए आंदोलन के दरमियान दर्ज हुए बहुत सारे अपराध वापिस लिए गए है।  बचे अपराधों को  वापिस लेने की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दिलीप वलसे पाटिल ने दी।  

    पुलिस आयुक्तालय का दायरा बढ़ाने को दी जाएगी मंजूरी 

    शहर से सटे शेन्द्रा औद्योगिक क्षेत्र में  ऑरिक सिटी का निर्माण हो रहा है।  उसको लेकर शहर के उद्योमियों ने पुलिस आयुक्त कार्यालय का दायरा बढ़ाने की मांग की है, इसको लेकर पूछे गए सवाल पर गृहमंत्री ने कहा कि पुलिस आयुक्त कार्यालय से इस बारे में प्रस्ताव आते ही सरकार तत्काल शहर पुलिस आयुक्तालय का दायरा बढ़ाने को मंजूरी देगी।  लॉकडाउन से जनता त्रस्त हो चुकी है।  जिससे कुछ  स्थानों पर पुलिस और जनता के बीच संघर्ष के मामले सामने आए है।  अब पुलिस को सख्त बल का प्रयोग न करने के  निर्देश दिए गए है।