Subhash Desai

    औरंगाबाद. राज्य में ‘ब्रेक द चैन’ (Break The Chain)  के अंतर्गत लगाए गए प्रतिबंधों में 1 जून से ढिलाई दी गई है। औरंगाबाद शहर (Aurangabad City) में भी सुबह 7 से 2 बजे व्यापार करने छुट दी गई है। प्रशासन द्वारा बेहतर कार्य करने के कारण ही औरंगाबाद में कोरोना महामारी पर ब्रेक लगाने में कामयाब हुए हैं। जिससे औरंगाबाद में लॉकडाउन में छुट दी गई है, परंतु इसी दौरान नियमों को ताक पर रखकर मुठ्ठी भर व्यापारी और उनके समर्थकों ने कामगार उपायुक्त को धमकाकर कानून-सुव्यवस्था को पैरों तले कुचला है। व्यापारियों और उनके समर्थकों द्वारा डरा धमकाने का किया गया कार्य निदंनीय है। यह प्रतिक्रिया जिले के पालकमंत्री सुभाष देसाई (Subhash Desai) ने देकर जिले के सांसद इम्तियाज जलील (MP Imtiaz Jaleel) पर तंज कसा है।

    गौरतलब है कि मंगलवार को जिले भर में सुबह 7 से दोपहर 2 बजे तक बाजार खोलने की छुट जिला प्रशासन द्वारा दी गई। इससे पूर्व लॉकडाउन काल में चोरी छिपे व्यवसाय करनेवाले 82 दुकानों को प्रशासन द्वारा सील किया गया था। उन दुकानों को जुर्माना लगाकर सील निकालने की मांग जनप्रतितिनधि कर रहे थे। इस मांग को प्रशासन द्वारा अनदेखी करने पर सांसद जलील मंगलवार को कुछ व्यापारियों के साथ कामगार उपायुक्त कार्यालय पहुंचे थे। वहां  उन्होंने कामगार उपायुक्त शैलेन्द्र पौल को घेराव कर उन्हें तत्काल सील किए हुए दुकानें खोलने के लिए दबाव डाला, बल्कि पौल के साथ सांसद जलील ने सख्ती बरतते हुए उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई। इस मामले पर देर शाम सांसद जलील एवं 26 व्यापारियों पर क्रांति चौक थाना में सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला भी दर्ज हुआ।

    इस घटना पर जिले के पालकमंत्री  देसाई ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिले के 2 लाख 96 हजार 756 दुकानें और आस्थापनाओं में से 82 दुकानदारों ने अपने दुकानें चोरी छुपी खोलकर व्यवसाय शुरु किया था। 82 में से 46 मामलों की सुनवाई लेकर उनके सील खोलने को मान्यता दी गई। बचे 36 दुकानों आस्थापनाओं की सुनवाई प्रलंबित है। उन पर ताला बंदी की कार्यवाही अपेक्षित है। जिससे बचे 99 प्रतिशत से अधिक नियमों को पालनेवाले व्यापारियों के प्रति आदर व्यक्त हुआ। असलियत में सभी मान्यवरों ने नियम व कानून का पालन करनेवालों का सम्मान करना छोड़कर कानून को पैंरों तले रौंदना कहां तक उचित है? यह सवाल पालकमंत्री देसाई ने कर सांसद जलील का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। देसाई ने कहा कि प्रतिबंधों का सख्ती से पालन करनेवाले नागरिक एवं यंत्रणा पर काम करनेवाले अधिकारी और कर्मचारियों के चलते ही हम कोरोना महामारी को रोक पाए है। आगे भी इसी तरह की एकजुटता ही सबको  सुरक्षित रख पाएगी। यह विश्वास पालकमंत्री देसाई ने जताया।