कृषि बिल के खिलाफ जमाते-इस्लामी-हिंद का आंदोलन

  • मोदी सरकार के खिलाफ की नारेबाजी 

औरंगाबाद. केन्द्र की मोदी सरकार ने हाल ही में राज्यसभा में 3 कृषि बिलों को पारित किया. यह बिल किसान विरोधी होने का आरोप लगाकर जमाते इस्लामी हिंद के औरंगाबाद ईकाई की ओर से शहर के प्रमुख किसान नेताओं के उपस्थिति में बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जोरदार आंदोलन किया गया. आंदोलन कारियों ने केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर किसान विरोधी कृषि बिल को वापस लेने की मांग की.

पीएम मोदी को भेजा ज्ञापन 

आंदोलन के नेतृत्व जमाते इस्लामी हिंद के शहराध्यक्ष इंजीनियर वाजेद कादरी के नेतृत्व में किया गया. आंदोलन के दरमियान संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक ज्ञापन भेजकर राज्यसभा में पारित किए गए फार्मर्स एग्रीमेंट ऑन प्राईज इन्शुरन्स, एंड फार्मर्स सर्विसेस बिल, द फार्मर्स  प्रोडयूस ट्रैडर्स एंड कॉमर्स बिल, द इसेन्शियल कमोडिटी यह तीनों किसान विरोधी कृषि बिल तत्काल वापस लेने की मांग की. साथ ही किसानों के प्रतिनिधि और विरोधी दलों के नेताओं की सूचना स्वीकारे बिना यह बिल पारित करने को लेकर जमाते इस्लामी हिंद ने नाराजगी जतायी.  चर्चा कर नए रुप में विधेयक मंजूर करें. किसानों को आरंभ में मुफ्त आर्थिक मदद देना, बीज और खाद की आपूर्ति करना, महाराष्ट्र के कपास का प्रश्न हल कर गारंटी दाम से कपास खरीदी करना,  किसानों को बिना ब्याज की कर्ज देना आदि मांगे की.

आंदोलन में सांसद इम्तियाज जलील, एड. सुभाष सावंगीकर, मौलाना इकबाल अन्सारी, पूर्व नगरसेवक इलियास किरमानी, एड. अभय टाकसाल, सरपंच अब्दुल रहिम पठान, प्रा. सुनील वाकेकर, मोहम्मद जफर तैयब, अरविंद कांबले, दिलीप तलेकर, रफिक पठान, शेख मुख्तार, डॉ. शादाब मुसा,  डॉ. हासिब अहमद, सलमान मुकर्रर, सरपंच शेख अब्दुल  रज्जाक, रियाज खान, सैयद तौफिक, मौलाना नईम कासमी, आदिल मदनी, अब्दुल हमीद खान ने हिस्सा लिया.