Met nawab malik, minister in maharashtra government at 5 pm today

औरंगाबाद. महाराष्ट्र में सबसे अधिक वक्फ संपत्तियां मराठवाड़ा में है. जिसके चलते सालों से औरंगाबाद में राज्य वक्फ बोर्ड का मुख्यालय कार्यरत है. मराठवाडा छोड़ अन्य विभागों के लोगों को बोर्ड के मुख्यालय पहुंचकर विविध काम कराने में कई दिक्कतें हो रही है. अन्य विभागों की परेशानियों को जानकर वक्फ मंत्रालय ने वक्फ बोर्ड का मुख्यालय औरंगाबाद से मुंबई स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है. जल्द ही बोर्ड का मुख्यालय मुंबई में कार्यान्वित होगा. यह जानकारी राज्य के अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने शनिवार को यहां दी.

मलिक ने शनिवार की सुबह राज्य वक्फ बोर्ड के पनचक्की परिसर में स्थित मुख्यालय पहुंचकर बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने यह जानकारी दी. उन्होंने विश्वास जताया कि  बोर्ड का कार्यालय मुंबई में स्थानांतरित करने पर बोर्ड के काम को गति मिलेगी. नवाब मलिक ने माना कि गत 10 माह में उनके वक्फ मंत्री बनने के बाद बोर्ड के काम को गति नहीं मिल पाई. उसका मुख्य कारण कोविड महामारी में सारे कामकाजों में बड़े पैमाने पर रुकावटे आना शामिल है. बोर्ड का काम समाधान कारक न होने का  स्पष्टीकरण देते हुए अल्पसंख्यक मंत्री ने कहा कि राज्य भर के लोगों की मांग है कि बोर्ड को स्थायी सीईओ मिला. इस पर भी सरकार जल्द निर्णय लेगी.  

3 माह में प्रलंबित मामलों का निपटारा करने का आदेश 

अल्पसंख्यक मंत्री ने बताया कि बोर्ड के सभी अधिकारियों के साथ ली गई बैठक में बोर्ड में प्रलंबित सभी मामलों का निपटारा आगामी 3 माह में करने के आदेश दिया गया है. 2012 से  बोर्ड में रजिस्ट्रेशन, स्कीम, चेंज रिपोर्ट के काम  प्रलंबित होते गए. वक्फ मंत्रालय का प्रयास है कि बोर्ड के हर काम को गति देकर जल्द से जल्द लोगों का काम किया जा सकें. मलिक ने बताया कि बोर्ड द्वारा पिछले कुछ माह में 1623 मामलों का निपटारा किया गया. बाकी सारे मामलों का निपटारा आगामी 3 माह में किया जाएगा. 

बोर्ड सदस्य खालेद बाबू कुरैशी ने गायब की 6 फाइलें 

नवाब मलिक ने बोर्ड के सदस्य खालेद बाबू कुरैशी पर अलग-अलग बोर्ड से संबंधित जमीनों 6 फाइलें  गायब करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में उन्हें लिगल तौर पर नोटिस भेजी गई है. उन्होंने जल्द ही गायब की 6 फाइलें बोर्ड में जमा नहीं की तो वक्फ मंत्रालय उन पर एफआईआर दर्ज करने पर विचार कर रहा है क्योंकि फाइलें गायब करना क्रिमिनल काम है. अल्पसंख्यक मंत्री ने कहा कि बोर्ड के सदस्यों पर गंभीर आरोप लग रहे हैं. उन्होंने खालेद बाबू कुरैशी की  बोर्ड के सदस्य के रुप में नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार ने उनकी नियुक्ति अवैध रुप से की थी. 

बोर्ड का कामकाज होगा ऑनलाइन  

अल्पसंख्यक मंत्री ने बताया कि वक्फ मंत्रालय ने बोर्ड का सारा कामकाज ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है. सरकार के आईटी विभाग से बोर्ड का सारा कामकाज आधुनिक कर दस्तावेज एक क्लिक पर लोगों को घर बैठे मिलने के लिए ऑनलाइन सिस्टम तैयार किया जाएगा. नवाब मलिक ने  बताया कि राज्य भर के लोग घर बैठे रजिस्ट्रेशन, चेंज रिपोर्ट, स्कीम के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे. उन्होंने बोर्ड द्वारा तय की गई  रकम अदा करने पर उन्हें ऑनलाइन ही सारे दस्तावेज मिलने की सुविधा की जाएगी. जिसके चलते बोर्ड में अन्य जिलों से लोगों को आने की जरुरत नहीं पड़ेगी. बोर्ड के सारे रिकॉर्ड ऑनलाइन सेव किए जाएंगे. ताकि, सालों बाद भी बड़ी आसानी से लोग दस्तावेज पा सकेंगे. विशेषकर, बोर्ड द्वारा तैयार किए गए सारे दस्तावेज मुतवल्लियों  को बाय पोस्ट भेजे जाएंगे. ताकि लोग बोर्ड में ना आ सकें. कोई भी दस्तावेज की हैंड डिलेवरी नहीं दी जाएगी. बोर्ड के साथ-साथ वक्फ ट्रिब्यूनल का सारा कामकाज भी ऑनलाइन किया जाएगा. जिससे बोर्ड के काम को गति मिलने के साथ ही बोर्ड का काम पारर्दशक होने का दावा अल्पसंख्यक मंत्री नवाब मलिक ने किया. 

आगामी 3 माह में पूर्ण रुप से कार्यान्वित होगी बोर्ड  कमेटी 

एक सवाल के जवाब में मलिक ने बताया कि वर्तमान में बोर्ड की बॉडी पूरी तरह कार्यान्वित नहीं है. जल्द ही बोर्ड पूरी तरह से गठित होगा. इसमें 2 सदस्य बार कौन्सिल के होंगे. 2 सदस्य सांसद रहेंगे. इसके अलावा बोर्ड के सदस्यों में इस्लामिक स्कॉलर, सोशल वर्कर की  नियुक्ति की जाएगी. बोर्ड  कमेटी का गठन आगामी 3 माह में पूरा कर लिया जाएगा. नवाब मलिक ने बताया कि बोर्ड में 2 सांसदों की नियुक्ति करना है. महाराष्ट्र में 2 मुस्लिम सांसद है. इसमें औरंगाबाद के सांसद इम्तियाज जलील और राज्यसभा सदस्य फौजिया खान शामिल है. इन दोनों की बोर्ड के  सदस्य के रुप में जल्द नियुक्ति की जाएगी. उसके लिए हम कानूनी सलाह ले रहे है.  मलिक ने बताया कि वक्फ की जमीनों पर बड़े पैमाने पर नाजायज कब्जे है. बल्कि, कई गडबडियां भी हैं. वक्फ मंत्रालय इन मामलों का बारिकी से अध्य्यन कर रहा है. सरकार का प्रयास है कि इन मामलों का सहीं रुप से निपटारा हो. अंत में मलिक ने बताया प्राथमिक तौर पर पुणे और परभणी में वक्फ की जमीनों का सर्वे जारी है. यह सर्वे कामयाब होने पर जल्द ही पूरे महाराष्ट्र में वक्फ की जमीनों का सर्वे किया जाएगा. 

मोदी के गलत निर्णयों से देश में फैला कोरोना

अल्पसंख्यक मंत्री नवाब मलिक ने देश के पीएम नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके गलत निर्णयों से देश में कोरोना महामारी ने बड़े पैमाने पर पांव पसारे है. उनके अनुसार गत वर्ष दिसंबर माह में डब्ल्यूएचओ ने कोरोना महामारी के बड़े पैमाने पर पांव पसारने को लेकर सरकार को आगाह किया था, लेकिन पीएम मोदी ने नमस्ते ट्रम्प के चक्कर में कोरोना महामारी के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाए. यहीं कारण है कि देश के नागरिकों को करीब 6 माह तक लॉकडाउन का सामना करना पडा. देश के करोड़ों लोग बेरोजगार हुए. इसके लिए पीएम मोदी ही जिम्मेदार होने का आरोप नवाब मलिक ने लगाया. पत्रकार परिषद में महाराज्य वक्फ बोर्ड के सीईओ अनिस शेख के अलावा बोर्ड अधिकारी उपस्थित थे.