विवाह समारोह के लिए मनपा की परमिशन जरुरी

  • मनपा प्रशासक पांडेय के आदेश

औरंगाबाद. कोरोना महामारी की दूसरी लहर रोकने के लिए सभी नियम कड़े किए जा रहे है इसलिए महानगर पालिका ने अब विवाह समारोह में 50 से अधिक लोगों को उपस्थित रहने के लिए मनाही की है. मनपा प्रशासक और कमिश्नर आस्तिककुमार पांडेय ने शहर के लिए आदेश जारी करते हुए विवाह के लिए मनपा की परमिशन लेना अनिवार्य किया है. साथ ही संबंधित पुलिस थाना की भी परमिशन लेना  अनिवार्य है. 

प्रशासन द्वारा जारी आदेश में साफ किया गया कि विवाह समारोह में नियमों का उल्लघंन होने पर अपराध भी दर्ज होगा. राज्य सरकार ने पूरे राज्य में विवाह कार्य के लिए 200 लोगों को इजाजत दी है, परंतु अब केन्द्र के सुधारित आदेश के अनुसार, विवाह कार्य के लिए सिर्फ 50 लोगों को परमिशन दी गई. इस पर सख्ती से अमलीजामा पहनाने का काम स्थानीय प्रशासन द्वारा करने की सूचना केन्द्र सरकार ने की है. 

1 दिसंबर से लागू होंगे आदेश 

उसके अनुसार मनपा कमिश्नर आस्तिककुमार पांडेय ने कोरोना की संभावित दूसरी लहर को रोकने के लिए आदेश जारी किए है. यह आदेश 1 दिसंबर से लागू होंगे. इस आदेश के अनुसार, सार्वजनिक और निजी कार्यक्रम के लिए बंदी कायम रखी गई है, परंतु विवाह समारोह के लिए 50 से अधिक लोग जमा न हो, इस पर सख्ती से अमलीजामा पहनाने के निर्देश स्थानीय प्रशासन को दिए गए है. मंगल कार्यालय चालक दरवाजे और खिडकियां खुले रखें. साथ ही मंगल कार्य करने से पूर्व संबंधित परिसर के स्थानीय पुलिस थाना और मनपा प्रभाग कार्यालय की इजाजत ले. मंगल कार्यालय और दुकान चालकों को मास्क का इस्तेमाल करना, सैनिटाइजर इस्तेमाल करना, दुकान और मंगल कार्यालय परिसर में दवाओं का छिड़काव करना, सोशल डिस्टेन्सिंग के लिए 2 लोगों में कम से कम 6 फिट का अंतर रखना, दुकान में एक ही समय 5 लोगों को प्रवेश देना यह सूचनाएं आदेश में की गई है. 

नियमों का पालन न करने पर होगी सख्त कार्रवाई 

मंगल कार्यालयों ने नियमों का पालन न करने पर आरंभ में जुर्मानात्मक कार्रवाई की जाएगी. मंगल कार्यालय में पहली बार मास्क न इस्तेमाल करने पर 500 रुपए जुर्माना, दूसरी बार मुंह को मास्क न लगाने पर दुकान और मंगल कार्यालय 7 दिन के लिए सील किया जाएगा. उसके बाद भी दुकान और मंगल कार्यालय में कोई बिना मास्क पहने मिलने पर सीधे मामला दर्ज करने की चेतावनी मनपा प्रशासन द्वारा दी गई है.