अमराठी स्कूलों को तत्काल उपलब्ध कराए मराठी भाषा की किताबें

– कांग्रेस नेता मोहसीन अहमद की सीएम से मांग

औरंगाबाद. एक तरफ राज्य सरकार ने हर अमराठी  स्कूल में मराठी भाषा अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है. वहीं, दूसरी तरफ अमराठी प्राथमिक स्कूल के  प्रथम व दूसरी कक्षा के लिए मराठी भाषा की किताबे आज तक उपलब्ध नहीं हो पायी है. अमराठी स्कूलों को तत्काल मराठी भाषा की किताबें उपलब्ध कराने की मांग कांग्रेस पार्टी के शहर कार्याध्यक्ष मोहसीन अहमद ने मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे को एक ज्ञापन भेजकर  की.

ज्ञापन में कांग्रेस नेता मोहसीन ने बताया कि सरकार के शिक्षण विभाग ने 1 जून 2020 को जारी किए निर्णय के अनुसार राज्य के अमराठी स्कूलों में चालू शैक्षणिक वर्ष से कक्षा फस्ट से दसवीं तक मराठी की शिक्षा अनिवार्य की है. 

इससे पूर्व 4 फरवरी 2009 को सरकार ने जारी किए आदेश में हर स्कूल में मराठी शिक्षा अनिवार्य की गई थी, लेकिन राज्य के अमराठी स्कूलों में प्रथम व दूसरी कक्षा के लिए मराठी भाषा की किताबें उपलब्ध नहीं करायी गई थी. इसको लेकर जनजागरण समिति ने हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की थी. इस याचिका पर हाईकोर्ट ने 24 सितंबर 2013 को सरकार को अमराठी स्कूल में मराठी की किताबें तत्काल उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे. बल्कि, मोहसीन अहमद ने राज्य के तत्कालीन शिक्षा मंत्री तक इसको लेकर पत्र व्यवहार किया था. लेकिन, मराठी किताबे उपलब्ध नहीं हो पायी थी.इसी दरमियान सरकार ने नए से 1 जून 2020 को अमराठी स्कूलों में मराठी भाषा अनिवार्य करने का  आदेश जारी किया. उस पर चालू शैक्षणिक वर्ष से अमलीजामा पहनाया जाना चाहिए था. मोहसीन अहमद ने सीएम ठाकरे से विनंती की कि वे तत्काल शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों को अमराठी स्कूलों में मराठी भाषा के किताबे मुफ्त उपलब्ध कराने के आदेश दे. ज्ञापन की प्रतियां विभागीय आयुक्त व जिलाधिकारी को भी सौंपी गई.