Vinayak Mete

    औरंगाबाद. महाराष्ट्र विधान परिषद (Maharashtra Legislative Council) के सदस्य विनायक मेटे (Vinayak Mete) ने शनिवार को कहा कि अगर नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण (Reservation) की मराठा समुदाय (Maratha Community) की मांगें पूरी नहीं की जाती है तो पांच जुलाई को यह समुदाय आंदोलन करेगा और राज्य विधानसभा का मानसून सत्र चलने नहीं देगा।

    बीड़ में एक मार्च के बाद रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा मराठा समुदाय को सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़ा वर्ग (एसईसी) श्रेणी के तहत दिया गया आरक्षण मजबूत था लेकिन राज्य सरकार की लापरवाही की वजह से उच्चतम न्यायालय में आरक्षण का यह मामला हार गए।

    मेटे ने इसके लिए कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण को जिम्मेदार ठहराया है और कहा कि चव्हाण को उद्धव ठाकरे सरकार से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए। कांग्रेस नेता मराठा आरक्षण पर राज्य मंत्रिमंडल की उप समिति का नेतृत्व करते हैं। (एजेंसी)