Mahavitaran gave 71 thousand connections in Vidarbha in lockdown

औरंगाबाद. शहर के चिकलथाना औद्योगिक बस्तियों में सड़क के चौड़ीकरण का काम एमआईडीसी (MIDC) ने बिजली यंत्रणा स्थानांतरित किए बिना शुरू किया है। जिससे बिजली विभाग के नुकसान के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बार-बार खंडित हो रही है। इसके लिए एमआईडीसी (MIDC) जिम्मेदार रहेगी, यह स्पष्टीकरण महावितरण ने दिया है।

महावितरण के औरंगाबाद परिमंडल के जनसंपर्क अधिकारी ज्ञानेश्वर आर्दड ने बताया कि चिकलथाना औद्योगिक बस्ती में बिजली आपूर्ति करने के लिए सड़क के किनारे से महावितरण ने उच्च दाब तथा लघु दाब वाली लाइन, फिडर, बिजली खंभे, रिंग मेन यूनिट, भूमिगत केबल डाले हुए हैं। 

महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल यानी (MIDC) ने इस परिसर के सड़क चौड़ीकरण का काम प्रस्तावित किया है। किसी भी सड़क के चौड़ीकरण में वहां मौजूद बिजली लाइन को स्थालांतरित करने का काम सड़क का काम करने वाले विभाग ने करना अनिवार्य है। इसको लेकर नियम तय है। सितंबर माह के अंत में महावितरण की भूमिगत लाईन एमआईडीसी के ठेकेदार ने जेसीबी द्वारा तोड़ी थी, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति खंडित हुई थी। उसके बाद महावितरण, महानगर पालिका व एमआईडीसी अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में सडक चौड़ीकरण में आने बनने वाली बिजली लाइन के खर्चे को लेकर एमआईडीसी व मनपा अधिकारियों ने हामी भरी।

कानून 2003 के अनुसार एमआईडीसी पर कार्यवाही की चेतावनी 

महावितरण के जनसंपर्क अधिकारी ज्ञानेश्वर आर्दड ने बताया कि महावितरण की परमिशन लिए बिना काम करने पर बिजली यंत्रणा का नुकसान को जिम्मेदार ठहराकर बिजली कानून 2003 के प्रावधान के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।