Aurangabad Municipal Corporation keeps a close watch on 33 people from Britain

    औरंगाबाद. महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने 2005 के बाद सरकारी नौकरी में भरती होनेवाले अधिकारियों (Officers) और कर्मचारियों (Employees) के लिए पेंशन योजना बंद की है। ऐसे में महानगरपालिका में 2005 के बाद भरती हुए 1200 कर्मचारियों को राहत देने के लिए माहानगरपालिका प्रशासन (Municipal Administration) ने 1 अप्रैल 2021 से राष्ट्रीय निवृत्ति वेतन योजना (एनएसडीएल)   लागू करने का निर्णय लिया है।

    गौरतलब है कि माहानगरपालिका की आम सभा में सन 2014 में एक प्रस्ताव पारित करते हुए कर्मचारियों को पेंशन योजना का लाभ देने का निर्णय लिया गया था। परंतु, उस पर आज तक अमलीजामा नहीं पहनाया गया था। पिछले सात सालों से प्रलंबित इस प्रस्ताव पर अमलीजामा पहनाने के लिए माहानगरपालिका प्रशासक आस्तिककुमार पांडेय ने पहल करते हुए राष्ट्रीय  निवृत्ति योजना लागू करने के बारे में सूचना दी। उसके अनुसार एनएसडीएल इस संस्था की एजेंसी के  रुप में नियुक्ति की गई, महानगरपालिका के मुख्य लेखा परीक्षक डॉ. देविदास हिवाले ने योजना का अभ्यास करते हुए उक्त संस्था के साथ करार करने का प्रस्ताव पेश किया था। उसके बाद महानगरपालिका प्रशासक पांडेय  ने आस्थापना, विधि और लेखा  विभाग का अभिप्राय लेकर उक्त प्रस्ताव के  फाईल को मंजूरी दी।

    16 साल में हुए 1200 से अधिक कर्मचारी स्थायी 

    औरंगाबाद माहानगरपालिका में पिछले कई सालों से नौकर भरती बंद है। इसके बावजूद बीते 16 सालों में 1200 अधिकारी और कर्मचारी स्थायी हुए है। इन कर्मचारियों को  राज्य सरकार ने 2005 के बाद माहानगरपालिका की सेवा में शामिल हुए कर्मचारियों के लिए लागू की गई अंशदायी परिभाषित पेंशन योजना लागू नहीं की  थी।  इसको लेकर नागपुर महालेखाकार ने 2017 में आक्षेप लिया था। साथ ही 2018 में पेंशन फंड डेवलपमेंट अथॉरिटी कार्पाेरेशन के जनरल मैनेजर के मोहन गांधी ने आयुक्त के नाम पत्र भेजकर माहानगरपालिका कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय निवृत्ति योजना लागू करने की सूचना की थी। उसके अनुसार माहानगरपालिका प्रशासन ने 1 अप्रैल 2021 से राष्ट्रीय निवृत्ति वेतन योजना (एनएसडीएल) लागू करने का निर्णय लिया है। यह योजना लागू होने के बाद कर्मचारियों के वेतन से 14 प्रतिशत की राशि की कटौती की जा सकती।