अगले माह शुरु होगा नयी पेयजल योजना का काम

  • मनपा कमिश्नर पांडेय ने जताया विश्वास 

औरंगाबाद. शहर की पेयजल समस्या हल करने के लिए महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के माध्यम से राज्य सरकार ने हाथ में ली 1688 करोड़ की पेयजल योजना का काम अगले माह शुरु होगा. यह विश्वास मनपा कमिश्नर आस्तिककुमार पांडेय ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए जताया. उन्होंने बताया कि जीवन प्राधिकरण ने निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है. जिसके चलते अगले माह योजना का काम शुरु होना तय है. नई पेयजल योजना के लिए 633 करोड़ रुपए का हिस्सा भरने के लिए मनपा प्रशासन तैयार है. इसको लेकर एक गारंटी पत्र मनपा ने सरकार को सौंपा है. मनपा द्वारा गारंटी पत्र दिए जाने से नयी पेयजल योजना का काम जल्द शुरु होने का रास्ता साफ हो चुका है. 

कमिश्नर पांडेय ने बताया कि मनपा ने 633 करोड़ रुपए का हिस्सा देने को लेकर भले ही गारंटी पत्र दिया है, परंतु राज्य के तत्कालीन सीएम  देवेन्द्र फडणवीस और वर्तमान सीएम उद्धव ठाकरे ने मनपा के हिस्से की रकम सरकार भरेगी यह आश्वासन दिया है. जिसके चलते मनपा प्रशासन ने राज्य सरकार को मनपा की आर्थिक कमजोरी स्थिति से अवगत कराकर उक्त रकम भरने की विनंती की है. वैसे, 633 करोड़ का निधि की जरुरत 2 साल बाद है. यह भी कमिश्नर पांडेय ने साफ किया. 

अगले सप्ताह शुरु होंगे सड़कों के काम 

राज्य सरकार ने शहर के बदहाल सड़कों को बेहतर बनाने के लिए 152 करोड़ रुपए के निधि को मंजूरी दी है. इस निधि में एमआईडीसी, एमएसआरडीसी और मनपा द्वारा सड़कों का काम किया जाएगा. मनपा प्रशासन के हिस्से में आयी सड़कों के काम को प्रशासकीय मान्यता मिलना बाकी है. आगामी सप्ताह मान्यता मिलते ही सड़कों के काम शुरु होंगे. ध्यान रहे कि सरकार के इस निधि से एमआईडीसी ने शहर में सड़कों का काम शुरु किया है. वहीं, एमएसआरडीसी द्वारा भी सड़कों का काम करने का नियोजन अंतिम स्तर पर है. 

कोविड केयर सेंटर में मनपा तैयार करेंगी एक हजार ऑक्सीजन बेड 

मनपा कमिश्नर पांडेय  ने शहर में जारी कोरोना प्रकोप पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन कोविड केयर सेंटर में एक हजार ऑक्सीजन बेड तैयार करने के काम में जूटा है. 19 सितंबर तक शहर में कोरोना पीडि़त 4 हजार 133 मरीज एक्टिव थे. उसमें 3 हजार 696 मरीज नॉर्मल थे. उन्हें ऑक्सीजन की जरुरत नहीं थी. कुल मरीजों के आंकडों में सिर्फ 428 मरीजों को ऑक्सीजन लगाया गया. इससे यह साफ है कि कोरोना प्रकोप से पीडि़त पाए जा रहे कुल मरीजों में 10 प्रतिशत मरीजों को ऑक्सीजन की जरुरत है. कमिश्नर पांडेय ने कहा कि बीते कुछ दिनों से ऑक्सीजन की कमी को लेकर आ रही खबरों पर मनपा प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी को दूर करने ऑक्सीजन बेड तैयार करने का निर्णय लिया है. इसमें एमजीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, एमजीएम परिसर का  स्कूल तथा अन्य एक इमारत में 200 पलंगों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी. इस स्थान की क्षमता  क्षमता 300 बेड  की है. मेल्ट्रान कोविड केयर सेंटर में स्थित 300 बेड में से 128 बेड को वर्तमान में ऑक्सीजन की सुविधा दी गई है. इस स्थान पर 20 किलो लीटर का ऑक्सीजन प्लांट निर्माण किया जाएगा. आगामी एक  पखवाडे में ऑक्सीजन प्लांट का काम  शुरु होगा. यह प्लाटं निर्माण होने के बाद मेल्ट्रान में स्थित 300 बेड में से 250 बेड पर ऑक्सीजन की आपूर्ति होंगी. सीपेट में स्थित कोविड केयर सेंटर में 270 बेड  की व्यवस्था है. उसमें से 200 बेड  पर ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी. इसके अलावा किलेअर्क में स्थित कोविड केयर सेंटर में भी 200 बेड पर ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाएगी.  इस तरह कुल 1 हजार बेड पर ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी. 

शहर को जुड़नेवाले एंट्री पॉईंट पर कोरोना  टेस्टिंग बंद

मनपा कमिश्नर पांडेय ने बताया कि राज्य सरकार ने एक जिले से दूसरे जिले में आवाजाही के लिए पूरी तरह छूट दी है. जिससे शहर में आने जानेवाले लोगों की संख्या में बड़ी संख्या में इजाफा हुआ है.  इसलिए अब एंट्री पाईंट, रेलवे और बस स्थानक में  कोरोना टेस्टिंग की  की जरुरत नहीं है. ऐसे में शहर को जुडनेवाले सभी एंट्री पॉईंट पर कोरोना टेस्टिंग बंद करने का निर्णय मनपा प्रशासन ने लिया है. बता दे कि जुलाई माह में शहर में कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने के कारण प्रशासन ने शहर के एंट्री पॉईंट हर्सूल, दौलताबाद टी पॉईंट, अहमद नगर नाका, कांचनवाडी, केम्ब्रिज नाका, झाल्टा फाटा के अलावा रेलवे व बस स्थानक पर अन्य जिलों से आनेवाले नागरिकों की कोरोना टेस्टिंग शुरु की थी. 24 घंटे टेस्टिंग  का काम जारी था. इस टेस्टिंग में हर दिन एंट्री पॉईंट पर 100 से अधिक कोरोना संक्रमित पाए जा रहे थे.मनपा की यह मुहिम काफी कारगर साबित हुई. अब प्रशासन ने यह टेस्टिंग बंद करने का निर्णय लिए जाने की जानकारी मनपा कमिश्नर ने दी.