Aurangabad Bazar Peth

    औरंगाबाद. कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के चलते बीते ड़ेढ साल में व्यापारी कई माह तक व्यापार पेठ बंद रख चुके है। कोरोना महामारी से मामूली  राहत मिलने के बाद व्यापार पेठ खोले गए थे। चंद दिनों  बाद फिर एक बार जिला प्रशासन (District Administration) ने डेल्टा प्लस (Delta Plus) नामक नए वेरीएंट (Variant) के फैलने की आशंका जताकर कड़े निर्बंध डालते हुए व्यापार पेठ आधा दिन तक बंद रखे जा रहे है। साथ ही हर शनिवार और रविवार को लॉकडाउन जारी है। इस पर हमेशा की तरह औरंगाबाद जिला व्यापारी महासंघ ने चेतावनी भरे स्वर में प्रशासन को चेताते हुए व्यापार पेठ पूरी तरह खोलने की मांग की है।

    जिला व्यापारी महासंघ के सचिव लक्ष्मीनारायण राठी ने बताया कि बीते डेढ़ साल में कई माह तक  व्यापार पेठ बंद रहने से व्यापारी सहित उनके पास काम करनेवाले हजारों कर्मचारियों के परिवारों के समक्ष कई आर्थिक समस्याएं निर्माण हो रही है।  व्यापार पेठ बंद रहने से व्यापार भी उभर नहीं पा रहा है।  औरंगाबाद पर्यटन की राजधानी है।  बार-बार प्रशासन द्वारा व्यापार पेठ रखने के लिए डाले जा रहे कड़े  निर्बेंधों और  समय के संभ्रम के चलते जनता के समक्ष गलत संदेश जा रहा है।  कोरोना महामारी काल में व्यापारियों ने हर तरह की मदद प्रशासन को की।  वर्तमान में डेल्टा प्लस वेरीएंट का एक भी मरीज शहर में नहीं है।  इसके बावजूद जिला प्रशासन और सरकार मनमानी कर व्यापारियों को प्रताड़ित कर रहा है। राठी ने बताया कि बीते कई  माह से व्यापारी महासंघ सरकार से बिजली बिल में छुट, संपत्ति कर में छुट, आर्थिक पैकेज देने की मांग कर रहा है। इन मांगों पर राज्य सरकार ने आज तक  किसी प्रकार की कोई दखल नहीं ली। अंत में महासंघ ने चेताया कि वे व्यापारियों का अंत ना देखें। वरना, हम प्रशासन और  सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे।

    प्रशासन के सामने कमजोर साबित हो रहा  व्यापारी महासंघ

    कोरोना महामारी के काल में जिला प्रशासन मनमानी करते हुए बार-बार व्यापार पेठ को बंद रख रहा है। इसके बावजूद महासंघ के पदाधिकारी शांति से तमाशा देख रहे है। जिससे व्यापारियों में महासंघ के पदाधिकारियों के खिलाफ गुस्सा है। शहर के एक प्रतिष्ठित व्यापारी ने अपना नाम छापने की शर्ते पर कहा कि महासंघ के पदाधिकारी प्रशासन के सामने नतमस्तक हो रहे है। यही कारण है प्रशासन कोविड के बाद डेल्टा प्लस के नाम पर प्रशासन  मनमानी कर जबरन व्यापार पेठ बंद रखकर व्यापारियों की प्रताड़ित कर रहा है। इस पर महासंघ के पदाधिकारी तमाशाबिन बनकर बैठे है। महासंघ के पदाधिकारियों को सड़क पर उतरकर प्रशासन का विरोध करना जरुरी है।