सिर्फ 30 लोग उठा पाए प्रधानमंत्री आवास योजना का फायदा

  • सांसद इम्तियाज जलील ने जतायी नाराजगी

औरंगाबाद. एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केन्द्र सरकार द्वारा आम जनता के लिए लागू किए गए विविध योजनाओं का बड़े पैमाने पर फायदा होने का दावा करते है. वहीं, दूसरी तरफ औरंगाबाद शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 80 हजार 500 नागरिकों ने आवेदन किया था, जिसमें सिर्फ शहर 30 नागरिक इस योजना का फायदा उठा पाए. इस पर औरंगाबाद के सांसद इम्तियाज जलील ने कड़ी नाराजगी जताते हुए केन्द्र सरकार की  योजनाओं पर कई सवाल उपस्थित किए.

केन्द्र की योजनाओं पर उठाए सवाल   

सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय में जिला विकास समन्वय और संनियंत्रण समिति यानी दीशा की बैठक केन्द्रीय राज्यमंत्री रावसाहब दानवे के अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सांसद जलील ने दिशा की बैठक लंबी अरसे के बाद होने को लेकर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि केन्द्र सरकार की योजनाओं पर अमलीजामा पहनाने में प्रशासन नाकाम हो रहा है. जिसका उदाहरण देते हुए सांसद जलील ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना सरकार ने शुरु कर 6 साल से अधिक का समय गुजरा है. बीते 6 साल में औरंगाबाद के 80 हजार 500 नागरिकों ने इस योजना के लिए आवेदन किया था. इस योजना के लिए केन्द्र सरकार से बड़े पैमाने पर निधि भी उपलब्ध हो चुकी है. इसके बावजूद सिर्फ 30 लोग  इस योजना का अब तक लाभ उठा पाए है. इससे यह साफ है कि सरकार ऐसी योजनाओं लाकर गरीबों का  मजाक उड़ा रही है. जलील ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया कि विविध योजनाओं का देश के नागरिकों को बड़े पैमाने पर फायदा होने के झूठा प्रचार जारी है. जबकि जमीनी हकीकत  कुछ और है. बड़ी-बड़ी बातें कर नागरिकों से आवेदन मंगाए जाते हैं और फायदा सिर्फ उंगलियों पर गिनती वाले लोगों को हो रहा है.

सड़कों के काम की जांच जरुरी 

सांसद जलील ने बताया कि दिशा की बैठक में सभी दलों के जनप्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री सड़क योजना, मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत किए जानेवाले कार्य बड़े हल्के दर्जे के होने का आरोप लगाते हुए उन कार्या की जांच की मांग की.  सांसद ने कहा कि इन सड़कों के कामों की जांच जरुरी है. सड़क का काम पूरा होने के बाद एक-दो बारिश होते ही सड़क की हालत खस्ताहाल होती है. ऐसे में उन सड़कों के कामों की जांच के लिए उसके एक्सपर्टस के साथ जनप्रतिनिधि दौरा करेंगे. उनकी लैब से सड़कों के काम के क्वॉलिटी की जांच करने पर सभी जन प्रतिनिधियों ने बल दिया. इस पर केन्द्रीय मंत्री दानवे ने जल्द ही इन कामों की जांच के लिए सड़कों का दौरा करने का आश्वासन देने की जानकारी सांसद जलील ने दी. 

शिरडी के सड़क के काम को मिलेगी गति 

आज देश भर से बड़े पैमाने पर श्रध्दालु औरंगाबाद से होते हुए शिरडी जाते है. औरंगाबाद से शिरडी जानेवाले सड़क की हालत काफी खस्ता है. पहले 14 किलोमीटर के सड़क के काम के टेंडर का प्रोसेसर पूरा हो चुका है. जल्द ही काम की शुरुआत होने का आश्वासन संबंधित विभाग के अधिकारियों ने दिए जाने की जानकारी सांसद जलील ने दी. उन्होंने बताया कि पहले चरण में शिरडी जानेवाले सड़क का 14 किलोमीटर के काम की शुरुआत होते ही और 27 किलोमीटर के काम का टेंडर निकाला जाएगा. 

हर घर जल के लिए सर्वे जरुरी 

सांसद जलील ने बताया कि केन्द्र की मोदी सरकार देश के हर नागरिक के घर तक जल पहुंचाना चाहती है. इसका नियेाजन करने के लिए औरंगाबाद के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सर्वे करने की जरुरत है. सोमवार को हुई दीशा की बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि बैठक में साफ किया कि जब तक जमीनी स्तर पर सर्वे नहीं होगा तब तक हर नागरिक के घर तक जल नहीं पहुंचा पाएंगे. अंत में जलील ने रेत का टेंडर निकालने के लिए प्रशासन द्वारा की जा रही अनदेखी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि करोडों रुपए की काली कमाई खाने  के लिए सरकार और प्रशासन मिलकर  रेत के टेंडर नहीं निकाल रहे हैं.