औरंगाबाद की जनता दिलदार

  • सेवानिवृत्त एसीपी डॉ. कोडे ने की सराहना  

औरंगाबाद. शहर की जनता काफी दिलदार है. उन्होंने मुझे हमेशा प्रेम और प्रेरणा दी. उनका ऋण मैं कभी भी उतार नहीं सकता. मैंने पुलिस विभाग में 33 साल सेवा की, लेकिन सबसे अधिक प्रेम मुझे औरंगाबाद में मिला. यह प्रतिक्रिया एसीपी पद से सेवानिवृत्त हुए डॉ. नागनाथ कोडे ने दी.

बीते कुछ सालों से शहर पुलिस आयुक्तालय में सिडको विभाग और क्राईम ब्रांच विभाग के एसीपी पद पर कार्यरत डॉ.नागनाथ कोडे कार्यरत थे. 31 जुलाई को डॉ. कोडे सेवानिवृत्त हुए. सेवानिवृत्ति पर  डॉ. कोडे का शहर के सीपी चिरंजीव प्रसाद के हाथों सपत्नी सत्कार किया गया. डॉ. कोडे के साथ एएसआई प्रभू बनसोडे, विजय जाधव, नवनाथ जगताप, नाना निकम, नवनाथ राठोड, सूर्यभान वाघ, शेख भिका गफुर, सैयद नजीमोददीन का भी सत्कार किया गया. सत्कार स्वीकारने के बाद अपने विचार में डॉ.कोडे ने यह बात कही. इस अवसर पर डॉ. कोडे के जीवन पर एक डाक्यूमेंटरी फिल्म दिखाकर उनके सामाजिक, पारिवारिक और पुलिस विभाग की सेवा के बारे में लेखा-जोखा पेश किया गया. डॉ. कोडे ने कहा कि नौकरी करते समय वरिष्ठ अधिकारियों का तुम पर विश्वास होना चाहिए. आगामी काल में निवृत्त होने के बाद भी मैं घर में नहीं बैठूंगा, बल्कि न्यायालय में सेवा देने के लिए तैयारी शुरु की है.

आयुक्तालय के दरवाजे कभी भी खुले

शहर के सीपी चिरंजीव प्रसाद ने कहा कि डॉ. कोडे ने पुलिस विभाग में सालों तक काम किया है. सेवानिवृत्ति के बाद भी ड्यूटी करते समय प्राप्त हुए अनुभव का फायदा पुलिस विभाग के लिए हो, इसके लिए सीपी कार्यालय के दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले रहेंगे. प्रसाद ने कहा कि पुलिस दल अधिकारी और कर्मचारियों को रोल मॉडल के तौर पर डॉ. कोडे का आदर्श लेना चाहिए. डीसीपी मीना मकवाना ने डॉ. कोडे द्वारा पुलिस थाना से क्राईम ब्रांच के एसीपी के रुप में बेहतर काम करने को लेकर भूरी-भूरी प्रशंसा की.