धर्मादाय संगठन के पदोन्नति चैन सुधारेंगे

औरंगाबाद. धर्मादाय संगठन के पदोन्नति चैन में समतोल बनाए रखना, महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वस्त व्यवस्था अधिनियम, 1950 की धारा 5 में उप-कलम 2-अ में सुधारना करने के लिए 29 जुलाई को संपन्न हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मान्यता दी गई है. इसको लेकर मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधायक सतीश चव्हाण पिछले 4 सालों से सरकार स्तर पर प्रयास कर रहे थे. 4 साल बाद उनके प्रयासों को सफलता हाथ लगी है.

विधायक चव्हाण ने बताया कि धर्मादाय संगठन के अधिकारियों को सहायक धर्मादाय आयुक्त पदों पर पदोन्नति पर नियुक्ति के लिए ढोलकिया समिति ने महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वस्त संस्था अधिनियम 1950 इस कानून में सुझाव हुए कई बदलाव मंजूरी के लिए विधि और न्याय विभाग  के पास भेजे थे. इसको लेकर मैंने तत्कालीन सीएम देवेन्द्र फडणवीस से भूल सुधार मंजूर करने की मांग की थी, परंतु तत्कालीन फडणवीस सरकार ने  भूल सुधारने में कोई पहल नहीं की.

विधान मंडल को पेश किया जाएगा  विधेयक 

 महाविकास आघाडी सरकार ने धर्मादाय संगठन के  पदोन्नति चैन सुधार में  समतोल  लाने के लिए महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वस्त व्यवस्था अधिनियम, 1950 के धारा 5 उप  कलम  2-अ में सुधारना करने को मंत्रिमंडल की बैठक में मान्यता दी गई.इस अधिनियम के भूल सुधार बारे में विधेयक विधान मंडल को पेश किया जाएगा. इससे पूर्व सेवा प्रवेश नियम करते समय कुछ तकनीकी अड़चन निर्माण होने के कारण इस अधिनियम में दोबारा बदलाव करने का निर्णय लिया गया है. धर्मादाय संगठन  के पदोन्नति चैन सुधारणा करने के लिए बार-बार प्रयास करने के बावजूद तत्कालीन फडणवीस सरकार ने कोई पहल नहीं की थी. इसलिए इस  चैन में बदलाव लाने के लिए महाविकास आघाडी सरकार महाराष्ट्र में स्थापित हुई. सरकार ने लिए इस निर्णय पर विधायक चव्हाण ने राज्य के सीएम उध्दव ठाकरे, डीप्टी सीएम अजीत पवार और राजस्व मंत्री बालासाहाब थोरात का अभिनंदन किया है.