Imtiaz Jalil

औरंगाबाद. घाटी अस्पताल को सरकार द्वारा हर साल करोड़ों रुपए का निधि दिए प्राप्त होने के बावजूद वहां इलाज के लिए आनेवाले हर मरीज को विविध विभागों के डॉक्टर अपने जेब भरने के लिए जानबूझकर बाहर के मेडिकल से हजारों रुपए की दवाइयां मंगाने का आरोप जिले के सांसद इम्तियाज जलील ने लगाए थे. इन आरोपों से घबराए प्रशासन के आला अधिकारियों ने रविवार की सुबह आनन-फानन में एक बैठक ली. बैठक में विभागीय आयुक्त सुनील केन्द्रेकर तथा जिलाधिकारी उदय चौधरी ने घाटी प्रशासन को मरीजों के साथ खिलवाड़ न करने के सख्त आदेश दिए  है. 

उधर, घाटी अस्पताल की डीन डॉ. कानन येलीकर ने सांसद जलील के आरोपों के बाद घाटी के सभी विभाग प्रमुखों को एक पत्र जारी कर आदेश दिया कि यहां इलाज के लिए आनेवाले मरीजों के परिवार जनों से बाहर के मेडिकल से दवाइयां न मंगाए. जो डॉक्टर अथवा विभाग प्रमुख बाहर से दवाइयां मंगाएगा, उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

घाटी में भ्रष्टाचार का लगाया था आरोप

बता दे कि शनिवार को सांसद जलील ने पत्रकार परिषद लेकर घाटी अस्पताल में मरीजों से बाहर की दवाईयां मंगाकर सरकार द्वारा हर साल घाटी को उपलब्ध कराए जा रहे करोड़ो रुपए के निधि में भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाकर घाटी की डीन डॉ. कानन येलीकर को निलंबित करने की मांग की थी. सांसद जलील ने आरोप  था कि डीन डॉ. येलीकर के आशिर्वाद से घाटी के विविध विभागों के डॉक्टर गरीब मरीजों से बाहर से दवाईयां मंगाकर लूट खसोट जारी रखे हुए है.

मरीज ने सुनाई आपबीती

पत्रकार परिषद में उपस्थित एक मरीज शिवकुमार मुंडे ने बताया था कि 22 जून को मैंने मेरी पत्नी को घाटी अस्पताल में भर्ती किया था. उसके बाद घाटी प्रशासन ने हमें खून का ऑर्डर देने को कहा. हमने ऑर्डर नहीं दिया, उसके बाद डॉक्टरों ने निजी लैब वाले को फोन पर पूछताछ की. उसके बाद एक निजी एजेंट मेरे पास आया और उसने 2900 रुपए लेकर 2 खून की बैग दी. उसकी कोई रसीद भी नहीं दी. उसके बाद करीब 2 हजार रुपए की दवाइयां बाहर से लाने के लिए कहा गया. यह जानकारी सांसद जलील को मिलने पर उन्होंने आनन-फानन में प्रेस वार्ता लेकर घाटी अस्पताल में गरीब मरीजों के साथ की जा रही लूट खसोट का भंडाफोड़ कर डीन डॉ. येलीकर पर खूब राग अलापा था.

जलील के एक्शन से घबराया घाटी प्रशासन

शनिवार की अपरान्ह सांसद जलील ने प्रेस वार्ता कर घाटी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते ही अस्पताल की डीन डॉ. कानन येलीकर ने घाटी के सभी विभाग प्रमुखों के नाम एक पत्र जारी कर आदेश दिया कि वे मरीज के परिवार जनों के हाथों से बाहर के मेडिकल से दवाईयां न मंगाए. जो डॉक्टर अथवा विभाग प्रमुख मरीज के हाथ से बाहर की दवाईयां मंगायेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इससे यह साफ है कि अब तक डीन डॉ. येलीकर की आशिर्वाद से गरीब मरीजों के साथ घाटी अस्पताल में बाहर से दवाईयां मंगाकर लूट खसोट का सिलसिला जारी था. सांसद जलील द्वारा लगाए गए आरोपों की खबर शाम तक पूरे राज्य में पहुंची.

स्वास्थ्य मंत्रालय तक पहुंची आवाज

सूत्रों ने बताया कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी सांसद जलील के आरोपों को गंभीरता से लेकर घाटी अस्पताल प्रशासन पर कार्रवाई करने  के लिए हलचलें तेज कर दी है. उधर, सांसद जलील ने बताया कि 3 दिन पूर्व राज्य के मुखिया उध्दव ठाकरे के साथ हुई वीडियो कांफ्रेसिंग में मैंने  घाटी की डीन डॉ. कानन येलीकर से घाटी में औषधियां के स्टॉक के बारे में सवाल पूछने पर उन्होंने साफ किया था कि अस्पताल प्रशासन के पास बड़े पैमाने पर दवाइयां उपलब्ध है. जलील ने विभागीय आयुक्त केन्द्रेकर को भी चेताया था कि वे इस मामले को गंभीरता से लेकर गरीब मरीजों के साथ की जा रही खिलवाड़ पर रोक लगाए. वरना इस लूटखसोट में अधिकारी भी शामिल है, इसलिए वे शांत है हम यह समझेंगे.

विभागीय आयुक्त व जिलाधिकारी ने लिया जायजा

सांसद जलील ने घाटी अस्पताल में गरीबों के साथ की जा रही लूट खसोट पर विस्तृत प्रकाश डालते ही रविवार को विभागीय आयुक्त सुनील केन्द्रेकर,  जिलाधिकारी उदय चौधरी घाटी अस्पताल पहुंचे. वहां उन्होंने सांसद इम्तियाज जलील को बुलाकर सारी स्थिति जानी. उसके बाद घाटी प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर डॉक्टरों व अन्य अधिकारियों को गरीबों के साथ खिलवाड़ न करने को लेकर सख्त ताकिद  दी. बैठक के बाद जिलाधिकारी उदय चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि सांसद जलील द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करने पर उसमें कुछ सच्चाई सामने आयी है. हमने इन आरोपों को गंभीरता से लेकर घाटी अस्पताल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए है.