1 जून से बाजार खोलने को लेकर जलील और खैरे में ठनी, व्यापारी महासंघ ने कहा- हम दुकानें खोलकर रहेंगे

    औरंगाबाद. कोरोना महामारी (Corona Epidemic) के प्रकोप के रोकथाम के लिए प्रशासन द्वारा शहर में बीते ढ़ाई माह से लॉकडाउन (Lockdown) जारी किया हुआ है। इससे जनता और व्यापारी त्रस्त हो चुके है। इसी दौरान 1 जून से बाजार खोलने को लेकर जिले के वर्तमान एमआईएम सांसद इम्तियाज जलील (MP Imtiaz Jalil) और पूर्व सांसद चन्द्रकांत खैरे (Former MP Chandrakant Khaire) के बीच ठनी है। दोनों नेताओं के बीच दुकानें खोलने को लेकर जारी घमासान में शिवसेना नेता खैरे ने सांसद जलील को ब्लैक मेलर कहा। इस आरोप पर सांसद जलील ने खैरे को जवाब देते हुए कहा कि वे आज भी चुनाव की हार से बाहर नहीं आ पाए हैं। खैरे जिले के 4 बार सांसद रह चुके हैं, वे जिले के वरिष्ठ नेता हैं, मैं उनका आदर करता हूं। मैं गरीबों के लिए आवाज उठा रहा हूं, शहर की जनता मेरे साथ है। उधर, जिला व्यापारी महासंघ ने साफ कहा कि हम इस मामले में राजनीति नहीं चाहते, हम 1 जून से किसी भी हालत में बाजार खोलकर रहेंगे। 

    शहर में गत ढाई माह से जारी लॉकडाउन में सबसे अधिक व्यापारी और दुकानदार प्रभावित हुए हैं। वे किसी भी हालत में अपनी दुकानें खोलना चाहते  हैं। बीते कुछ दिनों से राज्य सरकार फिर से लॉकडाउन बढ़ाने पर विचार करने की खबरें आ रही हैं। इस पर सांसद जलील ने एक टीवी चैनल को दिए 0000इंटरव्युह में कड़ी नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन को चेताया कि वे 1 जून से लॉकडाउन की सख्त शर्त रद्द कर बाजार खोल दें। प्रशासन ने बाजार खोलने का निर्णय नहीं लिया तो मैं खुद मार्केट पहुंचकर दुकानें खोलूंगा। यह चेतावनी दी। 

    जलील कर रहे दादागिरी, खैरे का आरोप 

    सांसद इम्तियाज जलील द्वारा दी गई चेतावनी से गुस्साएं शहर के पूर्व सांसद और शिवसेना के वरिष्ठ नेता चन्द्रकांत खैरे ने जलील पर दादागिरी और ब्लैकमेलर होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जलील 1 जून को दुकानें खोलकर दिखाएं, शिवसेना भी सड़क पर उतरकर जलील को करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि जलील अथवा उनके कार्यकर्ताओं ने दुकानें खोलने का प्रयास किया तो शिवसैनिक उन्हें जवाब देने में सक्षम है। शिवसेना नेता ने कहा कि राज्य में कोरोना महामारी का खतरा बरकरार है। कोरोना के तीसरी लहर की आशंका है, ऐसे गंभीर परिस्थिति में सांसद जलील द्वारा दुकानें खोलने की दी गई चेतावनी पर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग खैरे ने की। 

    खैरे का मैं आदर करता हूं, उनका आरोप सर आंखों पर : जलील  

    खैरे द्वारा लगाए गए आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद जलील ने कहा कि चन्द्रकांत खैरे जिले के एक वरिष्ठ नेता हैं। वे जिले के 4 बार सांसद रह चुके है। नका मैं आदर करता हूं। मैं गरीब जनता व व्यापारियों के लिए आवाज उठा रहा हूं। उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं, वो सर आंखों पर है। मैं खैरे साहब का आदर करना नहीं छोडूंगा। गत ढ़ाई माह से जारी लॉकडाउन से व्यापारी और हर दिन काम करनेवाले मजदूरों की अवस्था काफी दयनीय हो चुकी है। शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में भारी गिरावट आई है। ऐसे में प्रशासन और सरकार ने 1 जून से बाजारों को खोल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में लॉकडाउन में ढिलाई देने की जरुरत है। लॉकडाउन का अब हम पालन नहीं करेंगे, यह बात साफ-साफ जनता कह रही है। जलील ने कहा कि बीते ढाई माह से औरंगाबाद वासियों ने प्रशासन को काफी सहकार्य किया है। यहीं कारण है कि आज शहर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 100 से 150 के बीच आ रहा है। अब प्रधानमंत्री अथवा मुख्यमंत्री टीवी पर आकर ज्ञान बांटने का प्रयास करेंगे तो उनका कोई भी सुनने के मुड में नहीं है। विशेषकर, प्रधानमंत्री मोदी की बात तो जनता सुनने के मुड में ही नहीं है क्योंकि जब देश की जनता कोरोना महामारी से त्रस्त होकर रो रही थी, तब मोदी पश्चिम बंगाल में पहुंचकर दीदी ओ दीदी कह रहे थे। अब जनता दादा अब चूप बैठ जाईए, यह कहने से नहीं चूकेंगे। 

    हम तो बाजार खोलकर रहेंगे 

    1 जून से दुकानें खोलने को लेकर सांसद जलील और शिवसेना नेता खैरे में ठनी है। इस पर जिला व्यापारी महासंघ के सचिव लक्ष्मीनारायण राठी से संपर्क किया, तब उन्होंने कहा कि हम इस मामले में राजनीति नहीं चाहते। जलील व खैरे क्या कह रहे हैं, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है। औरंगाबाद वासी गत ढाई माह से लॉकडाउन का सामना कर रहे है। पूरे राज्य में गत माह से लॉकडाउन लगाया गया था। आज शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या में भारी गिरावट आयी है। हमें सरकार ने 1 जून से बाजार खोलने की परमिशन नहीं दी तो हम किसी भी हालत में बाजार खोलकर रहेंगे। उन्होंने राजनेताओं से अपील की कि वे आपसी मतभेद बुलाकर इसमें राजनीति न करते हुए सभी दलों के नेता बाजार खोलने के लिए हमारा सहकार्य करें। राठी ने कहा कि राजनेताओं ने ही व्यापार पेठ खोलने के लिए सरकार पर दबाव लाना चाहिए। महासंघ को राजनीति नहीं करना है, व्यापारी त्रस्त हो चुके है। आज तक सरकार ने व्यापारियों को किसी प्रकार की मदद नहीं की है। हमने सरकार से कई बार मदद की गुहार लगायी है, परंतु हमारी मांग की ओर सरकार अनदेखी कर रही है। इसलिए हम 1 जून से बाजार खोलकर रहेंगे।