नई शिक्षा नीति के लिए टास्क फोर्स की स्थापना, बामू के कुलगुरु डॉ. प्रमोद येवले का चयन

औरंगाबाद. नए शिक्षा नीति का अभ्यास करने के लिए राज्य सरकार ने टास्क फोर्स का गठन किया है. उच्च शिक्षा को लेकर यह टास्क फोर्स स्थापित किया गया है. समिति में स्थानीय डॉ. बाबासाहब आंबेडकर मराठवाडा विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. प्रमोद येवले सहित उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल है. यह समिति आगामी 3 माह में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को पेश करेगी.

गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने नयी शिक्षा नीति लागू की. महाराष्ट्र  सरकार ने नयी शिक्षा नीति इस साल लागू न करने का स्पष्टीकरण दिया था. नयी शिक्षा नीति का राज्य सरकार अभ्यास कर रही है. 

टास्क फोर्स में 16 सदस्य शामिल 

उसी के एक हिस्से के रुप में टास्क फोर्स तैयार किया गया. इसमें 16 सदस्य शामिल है. समिति में  विविध विश्वविद्यालय के कुलगुरु, प्राध्यापक, अधिकारी शामिल है. छात्रों में जरुरी कौशल, विज्ञान, तकनीकी ज्ञान, शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्र में मनुष्य बल की कमतरता दूर करने के लिए नयी शिक्षा नीति होने का दावा केन्द्र सरकार द्वारा किया जा रहा है. उसको लेकर राज्य सरकार की ओर से सूचना व अभिप्राय मंगाएं जा रहे है. नीतियों के प्रारुप के बारे में नांदेड के स्वामी रामानंद तीर्थ विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय उच्च स्तर शिक्षा अभियान, उच्च शिक्षा संचालक कार्यालय ने इससे पूर्व रिपोर्ट पेश की है. इसके बावजूद सरकार की नई शिक्षा नितियों का अभ्यास कर राज्य सरकार को रिपोर्ट पेश करने के लिए नए से टास्क फोर्स का गठन करने का निर्णय सरकार ने लिया है.

श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकससी महिला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु डॉ. वसुंधा कामत समिति की अध्यक्ष है.उनके साथ विश्वविद्यालय अनुदान आयेाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुखदेव थोरात, मुंबई विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुहास पेडणेकर, बामू विश्वविद्यालय के डॉ. प्रमोद येवले, आईसीटी के पूर्व कुलगुरु डॉ. जीडी यादव सहित 16 को शामिल किया गया है.  इधर, डॉ. प्रमोद येवले को समिति में शामिल करने पर बामू विश्वविद्यालय के प्र. कुलगुरु डॉ. प्रवीण वक्ते, कुलसचिव डॉ. जयश्री सूर्यवंशी ने अभिनंदन किया है.