औरंगाबाद जिले के पर्यटन स्थलों को मिलेंगी मूलभूत सुविधाएं

  • विधायक दानवे की जानकारी
  • पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे के साथ की सकारात्मक चर्चा

औरंगाबाद. औरंगाबाद (Aurangabad) के ऐतिहासिक स्थलों (Historical place) की महत्वता बढ़ाने के लिए किए जानेवाले उपाय योजनाओं पर चर्चा करने के लिए शिवसेना विधायक अंबादास दानवे ( MLA Ambadas Danve) ने राज्य के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे (Environment Minister Aditya Thackeray) पर दबाव बनाया था. विधायक दानवे के प्रयासों पर राज्य के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने मुंबई के सहयाद्री विश्रामगृह में एक विशेष बैठक ली.

बैठक में विधायक दानवे ने औरंगाबाद जिले के पर्यटन को गति देने के लिए कुछ उपाय योजनाएं करने की मांग की आदित्य ठाकरे से की.  इन मांगों पर ठाकरे ने गंभीरता से विचार कर जिले के पर्यटन स्थलों को  मूलभूत सुविधाएं देने का आश्वासन दिया.

कई मुद्दों पर हुई चर्चा

विधायक दानवे ने पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे से  औरंगाबाद जिले के ऐतिहासिक स्थलों के प्रचार और प्रसार के लिए ब्रैंड एम्बेसेडर की नियुक्ति करना, औरंगाबाद जिले के पर्यटन क्षेत्र को प्रमोशनल फिल्म अथवा वीडियो बनाना, अजंता गुफा परिसर में रोपवे लगाना, बीबी का मकबरा और दौलताबाद किले पर साउंड लाइट की व्यवस्था करना, औरंगाबाद जिले के पर्यटन स्थलों की राज्य में होनेवाले विविध ट्रैड फेयर में मार्कटिंग करना, औरंगाबाद के पुराने शहर में 145 वारसा स्थलों की पंजीकरण वाली सूची मनपा में पंजीकृत हैं, वह सभी वारसा स्थलें प्रशासन के कब्जे में है. उनके मरम्मत पर विशेष ध्यान देकर उन्हें पर्यटन के प्रवाह में लाने के विशेष ध्यान देना, इजिप्त और यूरोपियन देशों में अजंता-एलोरा की गुफाओं के पब्लिकसिटी के लिए कार्यक्रम हाथ में लिया जाए, वहां के ट्रैवेल एजेंसी की बैठक आयोजित कर औरंगाबाद की ओर लक्ष्य देनेवाले पर्यटकों को आकर्षित करना आसान होगा. बीबी का मकबरा से अजंता जानेवाली सड़क काफी खस्ताहाल है, उस सड़क को मॉडल सड़क के रुप में विकसित करने पर विदेशों में बेहतर संदेश जाएगा. शहर से अन्य कई शहरों को जोडे़नेवाली स्वतंत्र बस व्यवस्था शुरु करना ताकि शहर में आनेवाले पर्यटकों के लिए सस्ती और आसान ट्रान्सपोर्ट उपलब्ध होगी. सारी मांगों पर पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने गंभीरता से विचार कर ऐतिहासिक औरंगाबाद जिले में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया.