Jalil

    औरंगाबाद. औरंगाबाद जिले (Aurangabad District) के सांसद इम्तियाज जलील (MP Imtiaz Jaleel) ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार प्रतिबंधक कानून यानी एट्रोसिटी से पीडि़तों को सरकार की ओर से दी जानेवाली आर्थिक सहायता गत डेढ़ साल से प्रलंबित है। उसे तत्काल देने की सूचना सांसद जलील ने जिलाधिकारी सुनील चव्हाण व समाज कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त को एक पत्र (Letter) देकर की।

    सांसद जलील ने पत्र में बताया कि अनुसूचित जाति जनजाति अन्याय अत्याचार प्रतिबंधक कानून के अंतर्गत अन्याय पीडितों को सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा आर्थिक सहायता मदद के रुप में प्रदान की जाती। एट्रोसिटी कानून के अंतर्गत अपराध दर्ज होने के बाद अन्याय पीडित को समाज कल्याण विभाग की ओर से 25 प्रतिशत रकम मदद के रुप में दी जाती। उसके बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद 50 प्रतिशत रकम तथा फिर्यादी के फेवर में परिणाम आने पर बची 25 प्रतिशत रकम दी जाती।

    अन्याय पीडित को मदद का प्रथम चरण देकर आरोपपत्र न्यायालय में पेश करने के बाद जिलाधिकारी व समाज कल्याण विभाग के संबंधित अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर तत्काल मदद का दूसरा चरण यानी 50 प्रतिशत आर्थिक सहायता की रकम देना अनिवार्य है, लेकिन गत डेढ़ साल से औरंगाबाद जिले के अन्याय पीडितों को आर्थिक सहायता न मिलने की जानकारी सामने पर सांसद जलील ने कलेक्टर सुनील चव्हाण को पत्र देकर आग्रह करते हुए जल्द से जल्द पीडितों को आर्थिक सहायता करने की मांग की।