वक्फ बोर्ड की मांगों को लेकर जन आंदोलन छेड़ने की चेतावनी

  • महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड के कामकाज में तेजी लाने की सरकार से मांग

औरंगाबाद. महाराष्ट्र में वक्फ की करीब 92 हजार एकड़ भूमि है. बोर्ड की लापरवाही से आए दिन वक्फ की जमीनों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में ठाकरे सरकार तत्काल वक्फ बोर्ड के कामकाज में गति लाकर राज्य के हर जिले में  जिला वक्फ कार्यालयों की स्थापना करने और जल्द से जल्द नौकर भर्ती करने की मांग वक्फ से संबंधित मामलों को हल करने के लिए गठित तहरीके औकाफ के अध्यक्ष और ऑल इंडिया ओबीसी आर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शब्बीर अन्सारी ने सरकार से की है. 

अन्सारी ने चेताया कि सरकार तत्काल बोर्ड से संबंधित समस्याओं तथा मांगों को हल करे, वरना तहरीके औकाफ की ओर से जल्द ही मुंबई के आजाद मैदान पर धरना आंदोलन किया जाएगा.

राज्य वक्फ बोर्ड की दुर्दशा पर विस्तृत प्रकाश  

प्रेस वार्ता में शब्बीर अन्सारी ने राज्य वक्फ बोर्ड की दुर्दशा पर विस्तृत प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि 4 साल पूर्व गठित की गई तहरीके औकाफ संगठन ने वक्फ से संबंधित कई समस्याओं को हल किया. अन्सारी ने बताया कि संगठन के पदाधिकारियों ने महाराष्ट्र के तत्कालीन गर्वनर विद्यासागर राव से मुलाकात कर राज्य में फैली वक्फ की लाखों एकड़ भूमि का सर्वेक्षण करने की मांग की थी. संगठन की मांग पर आज पुणे और परभणी में वक्फ की संपत्तियों का सर्वे जारी है. राज्य के तत्कालीन सीएम देवेन्द्र फडणवीस से संगठन के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर राज्य के हर जिले में वक्फ बोर्ड का  जिला कार्यालय स्थापित करना, विभागीय स्तर पर विभागीय कार्यालय स्थापित करना, बोर्ड में तत्काल नौकर भर्ती करने की मांग की थी.उस पर आज तक कोई पहल नहीं की गई. 

43 कर्मचारियों से चल रहा है बोर्ड का कामकाज 

उन्होंने बताया कि आज बोर्ड का कामकाज सिर्फ 43 कर्मचारियों से चल रहा है.राज्य के 24 जिलों की जिम्मेदारी इन कर्मचारियों पर है. बोर्ड के विस्तृत कामकाज को देखते हुए और 800 से अधिक कर्मचारियों की भर्ती करना जैसी मांगे सरकार से की थी, परंतु आज तक उस पर अमल नहीं हुआ.

ठाकरे सरकार पर अलापा राग

अन्सारी ने कहा कि जबसे राज्य में ठाकरे सरकार ने सत्ता संभाली हैं, तबसे वक्फ बोर्ड अपनी दुर्दशा पर और अधिक आंसू बहा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान राज्य सरकार को अल्पसंख्यकों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है. बीते दिनों राज्य के वक्फ मंत्री  नवाब मलिक औरंगाबाद पहुंचे थे और उन्होंने बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में वे कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाए.

आपसी लड़ाई में समय बर्बाद कर रहे बोर्ड के सदस्य

अन्सारी ने बताया कि बोर्ड में 10 सदस्य होने चाहिए. आज 4 ही सदस्य बचे हैं. चारों सदस्य अपने फायदे के लिए और वक्फ की जमीनों में धांधलियां करने में अपना समय बर्बाद कर रहे हैं. उन्हें बोर्ड की उन्नति से कोई लेना-देना नहीं है. अन्सारी ने बोर्ड के सभी सदस्यों की नियुक्ति  तत्काल करने की मांग की. संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता  मिर्जा अब्दुल कयुम नदवी भी इस समय उपस्थित थे.