सामूहिक प्रयासों से करेंगे चुनौतियों का सामना

– नवनियुक्त अधिकारियों के साथ कुलगुरु की अध्यक्षता में हुई बामू विश्वविद्यालय की  बैठक

 – साल भर के कामों का किया गया नियोजन

औरंगाबाद. लॉकडाउन के बाद की  परिस्थिति में छात्रों को केन्द्रबिंदु मानकर जरुरी खबरदारी लेकर नियोजन करना जरुरी है. सामूहिक प्रयास के माध्यमों से  सारे आवाहानों को झेलेंगे. यह विश्वास कुलगुरु डॉ. प्रमोद येवले ने यहां व्यक्त किया.

डॉ. बाबासाहाब आंबेडकर मराठवाडा विश्वविद्यालय के सभी नवनियुक्त संवैधानिक अधिकारियों की बैठक शुक्रवार को ली गई.फिजीकल डिस्टेन्सिंग का पालन कर व्यवस्थापन परिषद के सभागृह में बैठक संपन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता कुलगुरु डॉ. येवले ने की. 

बैठक में प्रकुलगुरु डॉ. प्रविण वक्ते, कुलसचिव डॉ. जयश्री राजेश सूर्यवंशी, विज्ञान व प्रौद्योगिकी विद्या शाखा के अधिष्ठाता डॉ. भालचन्द्र वायकर, मानव्य विद्या व सामाजिक शास्त्र शाखा डॉ. प्रशांत अमृतकर, कॉमर्स व व्यवस्थापन शास्त्र विद्या शाखा डॉ. वाल्मिक सरवदे, अंतर विद्या शाखा के अधिष्ठाता डॉ. चेतना सोनकांबले, डॉ. योगेश पाटिल, डॉ. दत्तात्र्य गायकवाड उपस्थित थे.

नए सिरे से करना होगा नियोजन

कुलगुरु डॉ. येवले ने कहा कि कोविड-19 के चलते 2020 इस शैक्षणिक वर्ष का नियोजन नए से करना होगा. आगामी काल में फिजीकल डिस्टेन्सिंग व सभी उपाययोजनाएं कर तथा छात्रों की सुरक्षितता को ध्यान में रखकर नियोजन करना पडेगा. उस दृष्टि से आगामी शैक्षणिक वर्ष का टाईम टेबल, अधिष्ठाता मंडल तैयार कर  रहा है. शैक्षणिक वर्ष में शैक्षणिक व प्रशासकीय अनुशासन, सूसुत्रता व गतिमानता लाना  जरुरी है. गत कई सालों बाद विश्वविद्यालय में पूर्ण समय संवैधानिक अधिकारी नियुक्त किए गए है, जिससे विश्वविद्यालय के काम में गति आयी है. आगामी वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया से परिणाम तक अकादमीक कैलेंडर तैयार किया जाएगा. 

कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित ना रहे

कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित ना रहे, इसको लेकर विशेष ध्यान दिया जाएगा. अकादमीक  ऑडिट, महाविद्यालय का परामर्श व पीएचडी प्रवेश परीक्षा को  लेकर तैयारी करने की सूचना कुलगुरु ने दी. राज्य सरकार ने लिए  सीईटी परीक्षा के माध्यम से प्रवेश दिए जानेवाले पाठयक्रम छोडकर बाकी सभी स्नातकोत्तर पाठयक्रमों के लिए प्रवेश पूर्व परीक्षा न लेते हुए गुणवत्ता के आधार पर छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा. साथ ही पीएचडी के लिए उपलब्ध स्थान, छात्रों की संख्या इसका निश्चित जायजा लेकर ही पेट परीक्षा ली जाएगी. डॉ.येवले ने कहा कि मराठवाडा के छात्रों में काफी क्षमता है. कोरोना संकट में छात्रों को मानसिक ताकत देने का काम सभी ने करने का आवाहान कुलगुरु ने किया.