पिगमेंटेशन से बचने धूप में निकलने से पहले लगाएं सनस्क्रीम: पूजा देशमुख

  • टीवी वाले प्रोडक्ट को देखकर न करें स्किन से खिलवाड़

नागपुर. सभी उम्र के पुरुषों और महिलाओं की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक स्किन पिगमेंटेशन है क्योंकि ये बेकाबू होने लगता है और इसमें उम्र की कोई सीमा नहीं होती। कुछ लोग अपने 40 साल के हो जाने के बाद इसका अनुभव करते हैं, तो कुछ में 20 के बाद ही पिगमेंटेशन दिखने लगता है। इस समस्या के कारण उम्र भी बढ़ी हुई दिखती है। पिगमेंटेशन का सबसे प्रमुख कारण धूप में निकलना और प्रापर डाइट नहीं लेना होता है।

चेहरे या शरीर का एक निश्चित हिस्सा सामान्य त्वचा के रंग से गहरा हो जाता है और एक पैच बनाता है। इसे नाक से लेकर गाल, माथे और दूसरे एरिया में भी देख सकते हैं। जब चेहरे या शरीर के किसी खास हिस्से की कोशिकाएं मर जाती हैं और उन्हें कोई पोषक तत्व या स्किनकेयर मिलनी बंद हो जाती है तो पिगमेंटेशन की समस्या शुरू होती है। यह कहना है सह्यांद्री ब्यूटी पार्लर की संचालिका पूजा देशमुख का।

‘नवभारत बी ब्यूटीफूल’ में पूजा कहती हैं कि पिगमेंटेशन की समस्या से दूर रहने के लिए शुरुआत में ही केयर करनी चाहिए। शुरुआत में ध्यान नहीं दिया तो यह फैलते जाता है। फिर इसे हटाना काफी मुश्किल हो जाता है। विटामिन-सी युक्त फ्रूट्स का उपयोग अधिक करना चाहिए। टीवी में दिखाए जाने वाले प्रोडक्ट का उपयोग कर कभी अपनी स्किन से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। हमें यह पता ही नहीं रहता कि वह प्रोडक्ट किस तरह की स्किन के लिए बने हुए हैं।

इंस्टेंट इफेक्ट के चक्कर में न पड़ें

पिछले 15 वर्षों में ब्यूटी क्षेत्र में नई टेक्निक्स के साथ नाम कमा चुकीं पूजा बताती हैं कि उनके यहां फेशियल, मेकअप, हेयर ट्रीटमेंट, हेयर मशीनरी, स्किन मशीनरी के साथ काम होता है। वहीं स्टूडेंट्स के लिए 6 माह का कोर्स कराया जाता है। 8 से 10 स्टूडेंट्स का बैच रहता है। इसमें अब तक 150 से 200 स्टूडेंट्स कोर्स कर अपना स्वयं का पार्लर चला रही हैं। वे कहती हैं कि लोगों को इंस्टेंट इफेक्ट के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। किसी भी तरह के प्रोडक्ट लगाने से पहले डॉक्टर या ब्यूटीशियन से सलाह जरूर लेनी चाहिए। हर प्रोडक्ट अलग-अलग नेचर के हिसाब से तैयार होते हैं।

इन टिप्स के साथ करें स्किन केयर

इसे कम करने के लिए क्या किया जा सकता है?

सबसे पहले आपको यह समझने की जरूरत है कि सूर्य पिगमेंटेशन पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गर्मी और सूर्य की किरणें त्वचा, चेहरे के साथ-साथ शरीर को भी नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए हमेशा सनस्क्रीन जरूर लगाएं। घर से निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाएं। खाना बनाते वक्त भी सनस्क्रीन लगाना चाहिए। गैस की गर्मी से भी पिंगमेंटेशन होता है।

इस पर क्या लगाना चाहिए?

इस पर आलू का रस लगाना चाहिए और धूप से अपनी स्किन की सुरक्षा करनी चाहिए। अच्छी डाइट लेना चाहिए। किसी भी तरह की सनस्क्रीन न लगाएं, बल्कि अपनी त्वचा के अनुसार ही सनस्क्रीन चुनें, तभी वह फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए डॉक्टर्स या ब्यूटीशियन से सलाह जरूर लेना चाहिए।

इस पर घरेलू उपचार क्या है?

इसके लिए घरेलू उपचार में मसूर की दाल का आटा और दही का पैक बनाकर इसे 10 मिनट तक लगाकर रखें। इसके पश्चात ठंडे पानी से धो लें। इससे भी लाभ होता है।

क्या यह ब्लीच से जाते हैं?

यह ब्लीच से नहीं जाते, बल्कि ब्लीच से यह और अधिक फैलने का डर रहता है। ब्लीच से बचना चाहिए और घर में कभी भी ब्लीच का उपयोग नहीं करना चाहिए।

इस पर विटामिन-सी कितना जरूरी होता है?

इसमें विटामिन-सी बहुत ही कारगर है। अधिक से अधिक मात्रा में विटामिन-सी वाले फ्रूट्स खाने चाहिए। टमाटर, खीरा का जूस निकालकर भी इस पर लगाया जा सकता है। इसके साथ ही विटामिन सी सीरम आजमाएं क्योंकि यह आपकी त्वचा की रक्षा करता है। इसका एक काम टायरोसिनेस की क्रिया को रोकना है, जो पिगमेंट मेलेनिन के निर्माण के लिए जरूरी है।

त्वचा पर क्या लगाना चाहिए?

त्वचा पर नियमित रूप से विटामिन सी लगाने से हाइपरपिग्मेंटेशन के जमा धीरे-धीरे दूर हो जाएंगे। त्वचा को सनस्क्रीन या टोपी से धूप से जरूर सुरक्षित रखिए। विटामिन सी असामान्य जमा हुए मेलेनिन को दूर करने में मदद करता है जो सन डैमेज से जुड़े होते हैं। विटामिन सी सीरम, स्लीपिंग मास्क और सनस्क्रीन जैसे प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से स्किन को सुरक्षित रखा जा सकता है।

कब की धूप चेहरे को झुलसा सकती है?

जब भी धूप में बाहर जाएं तो छाता लेकर जा सकते हैं। साथ ही सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह समय सबसे गर्म होता है।

चेहरे को पोछने के लिए किस तरह का कपड़ा उपयोग में लाना चाहिए?

अपने चेहरे को कभी भी तौलिये से न रगड़ें क्योंकि इससे घर्षण होता है। घर्षण पिगमेंटेशन की एक प्रमुख वजह है, इसलिए इसे नर्म और नमीयुक्त रखने के लिए हमेशा अपने चेहरे को थपथपा कर सुखाएं।